भारतकोश
हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

हिन्द स्वराज (आत्म-निर्भरता एवं स्वराज्य दर्शन)

Hind Swaraj by Mahatma Gandhi

मोहनदास करमचन्द गाँधी (महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished150 पृष्ठ

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एक आदर्श रास्ते की खोज में हम दिनों-दिन इंतज़ार करते रहते हैं कि शायद वह अब मिलेगा। मगर हम भूल जाते हैं कि रास्ते चलने के लिए बनाये जाते हैं। इंतज़ार के लिए नहीं। 33