भारतकोश
हिन्दू पद-पादशाही (मराठा साम्राज्य एवं हिन्दू पुनरुत्थान इतिहास)

हिन्दू पद-पादशाही (मराठा साम्राज्य एवं हिन्दू पुनरुत्थान इतिहास)

Hindu Pad-Padashahi by Veer Savarkar

विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) द्वारा

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[ ५६ ] इंग्लैंड की विजय पर ईर्ष्या नहीं करते। हम तो खिलाड़ियों की तरह निष्पक्ष हो कर उन की चतुराई और शक्ति की प्रशंसा करते हैं जिस के कारण उसने समुद्रों, द्वीपों और प्रदेशों पर हाथ फैलाते हुए हमारे संघर्षमय हाथों से भारत साम्राज्य को छीन लिया और उसकी नींव पर उस ने एक शानदार विश्वव्यापी अद्वितीय साम्राज्य की स्थापना कर ली, जिसका कि इतिहास में कोई और उदाहरण नहीं मिलता। सन् १८१८ में हमारे सब से अंतिम और सब से शानदार हिन्दू साम्राज्य की समाधि बन गई। इस की रखवाली करो। निराश मत बनो और ईसाकी माता मेरी की तरह चिंतायुक्त होने पर भी प्रार्थना करते रहो — क्योंकि पता नहीं कि कब यह हिंदू साम्राज्य पुनर्जीवित हो जाये। ॥ ओम् शम् ॥ :——-: