भारतकोश
हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

नारायण पण्डित द्वारा

स्रोत: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished302 पृष्ठ

पृष्ठ 20, कुल 302 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 20

१६ पृष्ठ श्लोक मनुष्यके लिये सुख २४८ ८८ सत्संग और रतिका उपदेश २४९ ८९,९० वृथा स्वयं गर्जनाकी निन्दा २५० ९१ एक साथ शत्रुसे युद्धकी निन्दा २५१ ९२ बातके भेदको बिना जाने ⎫ क्रोधकी अकर्तव्यता ⎭ २५१ ९३ शीघ्र नहीं किये कार्यकी नष्टता २५२ ९४ राजाको सुखके अर्थ ⎫ ६ विषयोंका त्याग ⎭ २५३ ९५ मंत्रीके मुख्य गुण २५३ ९६ कार्य एकाएक करनेसे हानि २५३ ९७ कार्यसाधनकी प्रशंसा २५३ ९८ अभिमानीकी सर्वदा अप्रसन्नता २५४ ९९ पुरुषोंका कर्मके फलसे निश्चय करना २५४ १०० दुर्जनसे वंचितका सुजनमें ⎫ अविश्वास करना ⎭ २५५ १०१,१०२ लोभी, अभिमानी, मूर्ख, पण्डित ⎫ स्त्रीपुत्रादिको वश करनेका उपाय ⎭ २५६ १०३,१०४ संधिका उपदेश २५६ १०५ १६ प्रकारकी संधियां ⎫ और उनके लक्षण ⎭ २५७-२६० १०६ से १२६ तक. धर्मकी दृढता २६० १२७,१२८ सज्जनके संग मेलका उपदेश २६० १२९ सत्यकी प्रशंसा २६० १३० आशीर्वाद २६१ १३१,१३२,१३३