भारतकोश
हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

नारायण पण्डित द्वारा

स्रोत: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished302 पृष्ठ

पृष्ठ 6, कुल 302 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 6

२ भूमिका पञ्चतन्त्र की अपेक्षा अत्यन्त सरल और सुगम है और विद्वानोंने हितो- पदेश को “यथा नाम तथा गुणाः” समझ कर अत्यन्त आदर दिया, यहां तक कि वर्तमान काल में भारतवर्षीय शिक्षा विभाग में इसका अधिक प्रचार हो रहा है. हितोपदेश के गुणवर्णन करने की कोई आवश्यकता नहीं है कारण उसका गौरव सब पर विदित ही है और उक्त ग्रन्थ पर कई टीकाएँ प्रकाशित होने पर भी निर्णयसागर यंत्रालय के मालिक श्रीयुत तुकाराम जावजी महाशय ने मुझ से यह अनुरोध किया कि, हितोपदेश की भाषाटीका इस रीति पर की जाय कि जिससे पाठकों की समझ में विभक्त्यर्थ के साथ आशय भली भांति आ जाय, अत एव मैं अपनी अल्प बुद्धि के अनुसार उसी रीति पर टीका करके पाठकगण को समर्पण करता हूं और विद्वानों से प्रार्थना करता हूं कि जहां कहीं भ्रम से कुछ रह गया हो उसे सुधार लेनेकी कृपाकरें. मार्ग. शु. ३ भृगौ { रामेश्वर भट्ट, संवत् १९५१. { प्रथम संस्कृताध्यापक. मु. आ. स्कू. आगरा.

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · पृष्ठ 6, कुल 302 में से · BharatKosha