भारतकोश
हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित)

नारायण पण्डित द्वारा

स्रोत: हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · चौखम्बा विद्याभवन · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished302 पृष्ठ

पृष्ठ 9, कुल 302 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 9

हितोपदेशके श्लोकोंमें वर्णित विषयोंका विवरण पृष्ठ. श्लोक मंगलाचरण १ हितोपदेशकी प्रशंसा " २ विद्याकी प्रशंसा २, ३, ९ ४, ३८-४०-७ शास्त्रकी प्रशंसा ३ १० यौवन, धन, प्रभुता और } अज्ञानताकी निन्दा } " ११ कुपुत्रकी निन्दा ५, ६, ८६ { प्र. १२ से २४ तक { सु. ७ संसारके छः सुख ५ २० धर्मकी प्रशंसा ६ २५, २६ प्रारब्धकी मुख्यता { ७, ८, { प्र. २८, २९, ३३ { १९, २८, २९ { मि. २१, ५०, ५१, ५२ उद्योगकी प्रशंसा ७, ८ ३०, ३१, ३२ से ३७ तक प्रारब्धकी प्रशंसा ३२ सत्संगकी प्रशंसा ९-११ ४१ से ४७ तक धर्मके आठ मार्ग १६ मि. ८ दानकी सफलता १६, १७ ११, १६ आत्माकी रक्षा १६ १२ पण्डितका लक्षण १७, ६५ १४, १७० स्वभावकी उत्कर्षता १८, ८१ मि. १७ वि. ५८ विश्वासकी अकर्तव्यता १९, ४२ १९, ८७ स्वभावकी मुख्य परीक्षा १९ २० वृद्धोंके वचनका ग्रहण २० २३ संसारके छः दुःख २० २५

हितोपदेशः (हिन्दी अनुवाद सहित) · पृष्ठ 9, कुल 302 में से · BharatKosha