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इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta) द्वारा

स्रोत: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (उद्गम)

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दो शब्द

कहते हैं— श्रीकृष्ण जैसी सन्तान को जन्म देने के लिए माता-पिता को वसुदेव-देवकी बनने की आवश्यकता है और यह तब हो सकता है जब उनको बनाने वाले माता-पिता भी वैसे ही गुणों वाले हों।

यह बातें अपने को अकर्मण्य और कर्महीन बना देने की हैं। वसुदेव-देवकी को क्या परमात्मा ने कोई विशेष शक्ति प्रदान की थी जिससे उन्होंने कृष्ण को जन्म दिया? और अब हमारे में वह शक्ति नहीं जिससे हम श्री कृष्ण जैसे को जन्म दे सकें? हमें वास्तविकता को विचारना होगा।

वास्तव में वसुदेव-देवकी इच्छानुसार सन्तान को जन्म देने विज्ञान के पूर्ण ज्ञाता थे, यही उनकी विशेष शक्ति थी। इस विज्ञान को आप भी समझ सकते हैं। यदि सन्तान के जन्म में इसी प्रकार की सावधानी बरत कर आचरण किया जाय तो आपकी सन्तानभी महापुरुषों की कोटि में गिनी जा सकती है।

मुझ से कई महानुभावों ने कहा— “आपने अपनी पुस्तक में उत्तम सन्तति निर्माण के जो साधन दिये हैं वास्तव में वह ठीक ही होंगे, परन्तु यह सब बातें सत्यगुण की हैं। कलियुग में इन बातों को मानकर कैसे चल सकते हैं।”

प्रिय पाठक गण वास्तविकता भी यही है और व्यवहारिक रूप में यह दाख रहा है. परन्तु उत्तम सन्तान तप द्वारा ही प्राप्त होती है, उसे भी समझना चाहिए। पूर्ण ब्रह्मचर्य, उत्तम विवाह, शुद्ध भोजन, मासिक धर्म, ऋतु स्नान एवं गर्भ स्थापन के समय की भावना, सोलह कला, तिथी, वार, नक्षत्र, गर्भ स्थिति में भोजन, दिनचर्या आदि सभी की जानकारी आवश्यक है।

इच्छानुसार सन्तान

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वीरेन्द्र गुप्ता:

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri