भारतकोश
इच्छानुसार संतान

इच्छानुसार संतान

Ichhanusar Santan

बीरेन्द्र गुप्त (Virendra Gupta) द्वारा

स्रोत: Mumukshu Bhawan Varanasi Collection - इच्छानुसार सन्तान · अश्विनी कुमार, प्रकाशन मन्दिर / वीरेन्द्र नाथ (उद्गम)

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साभार्या या शुचिर्दक्षा सा भार्या या पतिव्रता। सा भार्या या पतिप्रीता सा भार्या सत्यवादिनी॥

षाणव्य नीति ४/१३

अर्थ- भार्या वही है जो पवित्र और चतुर हो, भार्या वही है जो पतिव्रता है, भार्या वही है जो पति से प्रीति रखती है भार्या वही है जो सत्य बोलती है।

पिता रक्षति कोमारे भर्ता रक्षति यौवन।

रक्षन्ति स्थिरिरे पुत्रा न स्त्री स्वातन्त्र्यमर्हति॥

मनु १/३

अर्थ- बाल्याऽवस्था में पिता रक्षा करता है। यौवन में पति रक्षा करता है। बुढ़ापे में पुत्र रक्षा करते हैं। स्त्री स्वातन्त्रता के योग्य नहीं।

तथा नित्यं यतेयातां स्त्रीपुंसौ तु कृतक्रियौ।

यथा नाभिचरेतां तौ विमुक्वावितरेतरम्॥

मनु १/१०२

अर्थ- विवाह वाले स्त्री पुरुषों को सदा ऐसा यत्न करना चाहिये जिसमें कभी आपस में जुदाई न हो।

आदर्श नारी के छः रूप

परामर्श में है मन्त्री सी, सेवा में नित दासी है।

भोजन में है माता सम, शयन-समय रंभा-सी है॥

धर्म-कर्म में सदा सगिनी, रोष-सहिष्णु धरा-सी है।

छः आदर्श गुणों से शोभित नारि पुण्य की राशि है॥

अधिकोश देखा गया है विवाह से पूर्व माता पुत्र में प्रेम, स्नेह बना होता है और विवाह के पश्चात् यह बात नहीं रहती। कहीं माता रुष्ट होती है कहीं पुत्र। विवाह से पूर्व पुत्र का पूरा प्रेम माता पर ही रहता है। विवाह के पश्चात् वह प्रेम अपनी पत्नी की ओर स्वभावता खिंचकर माता की ओर से कम हो जाता है।

इच्छानुसार सन्तान

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वीरेन्द्र गुप्तः

CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri