जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)

जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)
भगवान बुद्ध / पालि त्रिपिटक द्वारा
स्रोत: जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद) · हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग · 1956 (उद्गम)
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कुद्द ] ० २४३ इस प्रकार बोधिसत्त्व (दान-) अनुमोदन कर वर्षा के चार महीने वहीं रहे। वर्षा-ऋतु समाप्त होने पर ध्यान-प्राप्त कर ध्यान-युक्त ही ब्रह्मलोकगामी हुए। शास्ता ने यह धर्म-देशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय ऋषिगण बुद्धपरिषद थी। मण्डली का नेता तो मैं ही था।