जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)
Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary
वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished588 पृष्ठ
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| ६ | जातकपारिजातस्य- | ||
|---|---|---|---|
| विषयाः | पृष्ठांकाः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
| श्रीनाथयोगः | २४८ | चतुर्थभावगतग्रहफलम् | २७६ |
| शारदयोगः | ,, | पञ्चम- ,, | ,, |
| मत्स्ययोगः | २४९ | षष्ठ- ,, | २७७ |
| कूर्मयोगः | ,, | सप्तम- ,, | ,, |
| खड्गयोगः | २५० | अष्टम- ,, | २७८ |
| लक्ष्मीयोगः | ,, | नवम- ,, | २७९ |
| कुसुमयोगः | २५१ | दशम- ,, | ,, |
| पारिजातयोगः | ,, | लाभ- ,, | २८० |
| कलानिधियोगः | २५२ | व्यय- ,, | ,, |
| अंशावतारयोगः | २५३ | स्वोच्चफलम् | २८१ |
| हरि-हर-विधियोगाः | ,, | मूलत्रिकोणफलम् | २८२ |
| नाभसयोगाः | २५४ | स्वक्षेत्रफलम् | ,, |
| बृहज्जातकोक्ताश्रयदलयोग- | मित्रक्षेत्रफलम् | ,, | |
| लक्षणम् | ,, | शत्रुक्षेत्रफलम् | २८३ |
| प्राक्तनैराश्रयदलयोगानुक्तकारणम् | २५६ | नीचस्थफलम् | २५४ |
| गदा-शकट-विहग-शृङ्गाटक- | सान्वब्दादिफलाध्याये ॥ ६ ॥ | ||
| हलयोगाः | ,, | मान्दिस्थितद्वादशभावफलानि | २८५ |
| वज्र-यव-कमल-वापी-योगाः | २५७ | ग्रहयुक्तमान्दिफलम् | २८६ |
| यूप-शर-शक्ति-दण्ड-योगाः | २५८ | संवत्सरफलम् | २८७ |
| नौकूटच्छत्रचापाद्र्धयोगाः | २५९ | संवत्सरायनप्रकारस्तन्नामानि च | |
| समुद्र-चक्रयोगौ | २६० | (टीकायाम्) | २८८ |
| संख्यायोगाः | २६१ | अयनफलम् | २९० |
| आश्रय-दलयोग-फलम् | ,, | ऋतुफलम् | २९१ |
| गदादियोगफलम् | ,, | मासफलम् | ,, |
| ७ अध्यायोपसंहारः | २६३ | पक्षफलम् | २९२ |
| द्व्यादिग्रहयोगाध्याये ॥ ८ ॥ | कालफलम् | ,, | |
| द्विग्रह-योगाः | २६३ | तिथिफलम् | ,, |
| त्रिग्रह-योगाः | २६४ | वारफलम् | २९३ |
| चतुर्ग्रहयोगाः | २६७ | नक्षत्रनामानि | २९४ |
| पञ्चग्रहयोगाः | २६९ | गण्डान्तताराः | २९६ |
| षड्ग्रहयोगाः | २७० | अभुक्तघटिका | ,, |
| मेषादिराशिस्थैकग्रहफलम् | २७१ | ज्येष्ठाज्ञानि | ,, |
| दृष्टिफलम् | २७२ | मूलफलानि | २९७ |
| चन्द्रस्य दृष्टिफलम् | ,, | श्लेषागण्डान्तम् | २९८ |
| लग्नादिभावगतग्रहफलम् | २७४ | श्लेषा-मघा-ज्येष्ठा-मूल-रेवत्य- | |
| द्वितीयभावगतग्रहफलम् | २७५ | श्विनीषु गण्डान्तकथनम् | २९९ |
| तृतीय- ,, | ,, | अन्यगण्डान्तानि | ,, |