जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)

जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित - शास्त्रीय होरा फलित, राजयोग एवं आयुर्दाय सटीक)
Jataka Parijata of Vaidyanatha Dikshita with Commentary
वैद्यनाथ दीक्षित (टीकाकार: पं. कपिलेश्वर शास्त्री एवं पं. मातृप्रसाद शास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished588 पृष्ठ
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विषयसूची । ६
| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| नष्टदारयोगः | ४२४ | भाग्यहीनयोगः | ४५० |
| कलत्रद्वययोगस्तल्लक्षणञ्च | ४२४ | भाग्यवान् योगः | ४५१ |
| कलत्रत्रययोगः | ,, | गुरुभक्तियोगः | ,, |
| बहुस्त्रीयोगः | ४२५ | धर्महीन-योगः | ४५२ |
| व्रतपरायणदारयोगः | ,, | सुभाग्य-योगः | ,, |
| पतिघ्नीस्त्रीयोगः | ,, | पुत्रभावाभावयोगौ | ,, |
| सप्तमेशवशात्स्त्रीवंशज्ञानम् | ,, | बालस्य पितृमरणं दिने रात्रौ वा | ४५३ |
| स्त्रीसङ्ख्याज्ञानम् | ४२६ | पुण्यविचारः | ,, |
| विवाहकालः | ,, | दशमैकादशद्वादशभावफला- | |
| विवाहकालः स्त्रीस्वभावश्च | ४२६ | ध्याये ॥ १५ ॥ | |
| वरवधूजातकसंयोगः | ४३० | दशमे भावे विचारणीयविषयाः | ४५४ |
| पुरुषे दारहा, स्त्रियां पतिघ्नयोगः | ,, | कर्मविचारः | ,, |
| स्त्रीणां पतिमृत्युयोगः | ,, | प्रव्रज्यायोगाः | ४५९ |
| स्त्रीवियोग-सुखयोगौ | ,, | प्रव्रज्यायोगानामपवादः | ४६६ |
| पुत्रमात्राभावयोगौ | ४३१ | जीविकायोगाः | ४६७ |
| स्त्रियाः स्तनविचारः | ,, | ग्रहकर्त्तृकजीविकावृत्तिः | ४६८ |
| गम्यस्त्रीविवरणम् | ,, | केन्द्रेषु शुभकर्तृकराजयोगः | ४७० |
| स्त्रीसङ्गमे स्थानविचारः | ४३२ | पुण्य-पापरतयोगौ | ,, |
| कलत्रशुभाशुभज्ञानम् | ,, | चन्द्राद्दशमे भौमादियुतसूर्यफलम् | ४७१ |
| भगचुम्बनयोगः | ४३३ | ,, भौमादिद्विग्रहफलानि | ४७२ |
| स्त्रियाभगविचारः | ,, | आज्ञाविचारः | ,, |
| स्त्रीमरणसमयः | ४३४ | कीर्ति-मान-कृषि-व्यापार- | |
| अष्टमभावफलानि | ४३५ | निद्राविचारः | ४७३ |
| अल्पायुर्योगद्वयम् | ,, | लाभे सूर्यादिस्थित्या लाभविचारः | ४७४ |
| दीर्घ-मध्याल्पायुषां भेदाः | ,, | शुभ पाप धनलाभविचाराः | ४७५ |
| मृत्युविचारः ( मरणदशा ) | ४३७ | व्यये विचारणीय-विषयाः, नाना- | |
| मारकग्रहदशायां मरणकालनिर्णयः | ४३९ | देशाटनयोगश्च | ४७६ |
| मात्रा पित्रा च सह मृत्युयोगः | ४४० | व्ययविचारः | ४७७ |
| देहे गन्धादिज्ञानम् | ,, | दानविचारः | ४७८ |
| चरादिलग्नवशान्मरणकालनिर्णयः | ४४१ | धननाश-धनरक्षा-शय्यासुखयोगाः | ४७९ |
| नवमभावफलानि | ,, | शयनविचारः | ,, |
| भाग्यविचारः | ,, | गतिविचारः ( मरणानन्तरम् ) | ४८० |
| नवमे गुरौ ग्रहदृष्टिफलानि | ४४३ | ग्रहस्थितिवशाद्भावशुभाशुभत्वम् | ,, |
| ,, द्विग्रहयोगफलानि | ४४४ | स्त्रीजातकाध्याये ॥ १६ ॥ | |
| ,, त्रिग्रहयोगफलानि | ४४६ | जातकविवरणम् | ४८१ |
| ,, चतुर्ग्रहयोगफलानि | ४५० | स्त्रीजन्मनि फलकथनविवरणम् | ४८२ |
| ,, त्र्यादिग्रहयोगफलम् | ,, | लग्नेन्दुवशात्स्त्रीफलम् | ४८३ |
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