कबीर कृष्ण गीता

कबीर कृष्ण गीता
Kabir Krishna Gita
युगल आनंद विहारी द्वारा
स्रोत: Kabir Krishna Gita - Yugal Anand Vihari · Archive.org (उद्गम)
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अथ कबीरकृष्णगीताकी
विषयानुक्रमणिका ।
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| धर्मराजकी सभा | .... १ | सुपथ कुपथका वर्णन | .... ३१ |
| सत्यनामकी महिमा | .... ३ | त्रिगुणी जीवका वर्णन | .... ” |
| राजा छत्रजीतकी कथा | .... ४ | पाण्डव और कृष्ण संवाद | .... ३२ |
| नारद-कृष्णसंवाद-कबीरके | |||
| भक्तकी महिमा वर्णन | .... ७ | कपिल मुनि वचन ( निज | |
| वृत्तान्त ) | .... ३४ | ||
| यमदूतका कृष्णसे कबीरके | |||
| भक्तके विषयमें वार्ता- | |||
| लाप | .... ९ | कबीर शरण विना मुक्ति नहीं | ३८ |
| कबीरकी महिमा कृष्णमुख | |||
| ( सत्यलोक, जीव, निरंजन | |||
| आदिका वर्णन ) | १० | सब देवताओंका कबीरकी | |
| स्तुति करना और कबी- | |||
| रका प्रकट होकर सबको | |||
| उपदेश देना | .... ४० | ||
| काललीला वर्णन | .... १२ | व्यासका कबीरसे सत्यलोक | |
| दिखानेकी प्रार्थना करना | ४२ | ||
| कालसे वचनेका मार्ग | .... १४ | कबीरका उपदेश | .... ४४ |
| निरंजन और विष्णुका संवाद | .... १५ | कालियुगका वृत्तान्त | .... ४५ |
| चौरासीका वर्णन-विष्णु मुख | ” | कालियुगमें तरनेका मार्ग | .... ४६ |
| शुकदेव मुनिका अपने अनेक | |||
| जन्मोंका वृत्तान्त कहना | १८ | समुण-निर्गुण भक्तिका | |
| वर्णन | .... ४६ | ||
| राजा निर्माहकी कथा | ” | सद्गुरु और गुरुके लक्षण | |
| और चिह्न | .... ४८ | ||
| गुरुकी महिमा | .... २१ | सकलदेववचन | .... ४९ |
| सबे गुरुकी पहिचान | .... २७ | कुबेरका गुरु उपदेश लेना | ” |
| नारदके गुरु करने और चौरासी | |||
| भोगसे छूटनेकी कथा | .... २९ | कृष्णका दीक्षा लेनेके लिये | |
| प्रार्थना करना | .... ५१ | ||
| कबीरकी महिमा | .... २९ |