कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 794, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंजाति निकली, तब खुदाने आदमसे कहा कि, इस जातिको मैंने नरकमें रहनेके लिये निकाली है। इनके सर्वे कार्य नरकमें जानेवालोंके समान होंगे। फिर अबदुल्लाऽइब्र उम्रका कथन है कि, एकबार रसूलल्लाह दो पुस्तकें दोनों हाथोंमें लेकर निकले मुझसे पूछा तुम जानते हो कि, यह कौसी पुस्तकें हैं ? मैंने कहा, नहीं आप मुझको बताइये। आपने कहा कि, जो मेरे दहिने हाथमें किताब है उसमें वैकुण्ठमें रहनेवालोंके नाम हैं। यह खुदाकी ओरसे है, इसमें वैकुण्ठके जानेवाले सर्वे मनुष्योंके नाम, उनके बाप दादोंके नाम और उनकी जातिके लोगोंके नाम इसमें लिखे हैं, साथही संख्या भी लिख दी है, इसमें न्यून तथा अधिक न होंगे। दूसरी पुस्तक जो मेरे बाँये हाथमें है इसमें उनके बाप दादों तथा जातिके नाम सहित नरकमें जानेवालोंके नाम लिखे हैं। नीचे संख्या भी दी है कि, इससे अधिक अथवा न्यून न होंगे, यह पुस्तक भी खुदाकी ओरसे है।
इससे यह तो प्रमाणित हो चुका कि, भाग्य निश्चित है। इसमें बाल बराबर भी विभिन्नता न हो सकेगी। सब मनुष्य स्वस्वभाग्यानुसार बुरे-भले हैं अब किसीको कुछ करना कराना रह नहीं गया। दूसरा सन्देह यह उत्पन्न हुआ कि, जब वैकुण्ठवासी रूहोंके सम्बन्धी और मित्र उनकी सिफारशसे वैकुण्ठ पावें, तो हजरत रसूल अल्लाहके स्वजन बाप दादे माता इत्यादि नरकके योग्य कैसे होंवें ? उनको भी रसूल अल्लाहसे लाभ उठाना उचित है।
वस्तुतः हमारे पूर्वकर्मोंने हमारा भाग्य ठहराया है कर्म करनेके लिये हम पूर्वकालमें शरीर धारण किये हुये थे, पूर्वकर्मानुसारही अब देह हुई है। यदि हमने अपने भाग्यके अनुसार सब कार्य अपने देहके पूरे कर लिये तबतो हमारे ऊपर कोई दोष रह नहीं गया, न हमको महाप्रलयके दिवस किसी प्रकार हिसाब किताब देनेकी आवश्यकता है न हम भले बुरे हैं वरन् हमारे बदले हमारा खुदा भला बुरा ठहरेगा दोष उसी पर थोपे जावेंगे हम बाल बाल बच जावेंगे यदि हम निर्दोषोंको खुदा दोषी ठहरावेगा तो आपही दोषी होगा। न्यायी नहीं कहला सकता। इस कारण यह सब बातें भ्रम और धोखेकी हैं। खुदा कदापि पापी नहीं है। हमारे कर्मही हमें भला बुरा बनाते हैं, खुदाका क्या दोष है ? हम आवागमन करते आये हैं और सदा करते जावेंगे जब तक कि, मोक्ष न होगा।
३८-हजरत शेख सादीका कौल
सगे असहाबे कहफ़ रोज़े चन्द ।
पथेनेकां गिरफ़्त मरदुम शुद ।