भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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पृष्ठ 928

तोडेकी चोरीपर आश्चर्य — इसने एक स्त्रीको कहते सुना कि, मेरा रुपयों का तोड़ा अथवा न्योली जाती रही । यह बात सुनकर तोता उच्च स्वरसे बोला कि कैसे आश्चर्यकी बात है ।

सरायका तोता — एक प्रसिद्ध तोता नारफोकोंकी सरायमें रहता था यह अपने स्वामी तथा उसकी स्त्रीसे विशेष अनुराग रखता था । वह उसके समस्त मित्रों तथा भृत्योंको पहचानता था । उनका नाम लेकर उनको पुकारता था उनको भीतर बुलाता कितनोंको कह देता कि दूर हो अपनी जगहपर जा ।

एक दिन एक मनुष्य उसके स्वामीकी स्त्रीसे पैसे कौड़ीकी बातें कर रहा था । मनुष्य बातचीत करनेमें कुछ गर्म हुआ । तोता उच्च स्वरसे बोला कि, ऐ महाशय ! आप इसको रख दीजिये आप इस विषयसे पूर्ण अनभिज्ञ हैं ।

अभ्यागतोंसे बात — इसी स्त्रीने हरे रङ्गका एक तोता पाला । वह अभ्यागतोंसे बातें किया करता था पूछता था कि, आप प्रसन्न तो हैं ? खाना पीना कीजिये । सीटी बजाइये नाचिये यह तोता बीस वर्षतक जीवित रहकर मृत्युको प्राप्त हो गया ।

द्वारपर बातें — व्यापारीके पास दो तोते थे एक हरा और दूसरा श्वेत रङ्गका था । श्वेतरङ्गके तोतेको सिखाया था कि, जब कोई घण्टा बजाये तो वह यह कहता कि द्वार पर कौन है ? एक मनुष्यने आकर द्वार खटखटाया । हरे रङ्गके तोतेने कहा कि, कौन है ? मनुष्यने उत्तर दिया कि, मैं वह मनुष्य हूँ जो चर्म लेकर आया हूँ । तोता बाह बाह करके चुप हो रहा । जब द्वार नहीं खुला तो उसने फिर द्वार खटखटाया । फिर हरे तोतेने कहा कि, कौन है ? वह रुष्ट होकर कहने लगा कि, तुम यहाँ क्यों नहीं आते । तोता फिर बाह बाह कहकर चुप हो रहा । उस मनुष्यने झुंझलाकर घण्टा बजाया । श्वेत तोतेने कहा कि, द्वारपर जाओ । जब श्वेत तोतेने उच्चस्वरसे कहा द्वार पर जाओ तो मनुष्य द्वारपर गया द्वार खुला न पाया तो उसने कहा कि, तुम मुझसे क्यों दुष्टता करते हो ? अत्यन्त क्रोधित हुआ । उसने मकानमें पीछे जाकर देखा तो जान लिया कि, जो उत्तर देते थे वो दोनों तोते हैं ।

विलियमका तोता — हिउम साहबके इङ्ग्लैण्डके इतिहासमें मैंने पढ़ा था कि, इङ्ग्लिस्तानी बादशाह चौथे विलियमका तोता किसी कारण टेम्स नदीमें गिरकर डूबने लगा । उस समय उसने पुकार कर कहा कि, नाव ! नाव !! एक नाव जल्दी लाओ, जो कोई शीघ्र नाव लायेगा सो दो सौ रुपया पारितोषिक पायेगा । एक मनुष्य दौड़कर गया, तोतेको पकड़के बाहर निकाल लाया ।