कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 934, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंकर धर दिया गया। लोगोंको निश्चय होगया कि, मर गया दूसरे दिन छः बजे द्वार खुला तो लोगोंने उसको लफानेके कपड़ेसे बाहर निकाला; तब वह उड़कर बाहर चला गया जिसमें चिड़िया पानी पीया करती हैं उसमें खूब पानी पीकर अपनी प्यास बुझाई। पीछे तो इतना चेतता कि, मदिराके सभीप कभी भी नहीं जाता इस विचारसे सदैव भयभीत होता रहा कि, इसके पीनेसे मेरी बुरी गति हुई थी।
गोडस्किउ ।
एक प्रकारका पक्षी है यह अङ्गरेजी भाषाका नाम है इसका हिन्दीमें अर्थ दूध चूसनेवाला होता है। यों कहते हैं, कि वह रातको बकरियों और हरिणियोंके स्तनमें लगकर दूध चूस लिया करता है। पतङ्गे मार मार कर भी खा जाता है उसकी आँखें बड़ी २ और पर मुलायम सुन्दर एवं रङ्ग-बरङ्ग होते हैं उसका चोंच बहुत खुला हुआ होता है ये पृथिवीके सभी देशोंमें पाये जाते हैं।
कुञ्ज ।
कुञ्ज एक प्रकारका पक्षी होता है। अङ्गरेजीमें उसको बोअरबड कहते हैं इसकी अनेक जातियां हैं आष्ट्रेलियाके टापूमें रहते हैं। कुञ्ज इस कारण कहते हैं कि, वे सब वृक्षोंकी टहिनियां लेकर कुञ्ज बनाते हैं उनमें खेलते और कौतुक करते हैं। कुञ्ज वृक्षोंकी टहिनियोंसे चौड़ा रकाबीदारगुनके बनाते हैं। उनके बीच सिलसिलावार दोहरी महराबकी श्रेणी बनाते हैं वह कई फीटका लम्बा चौड़ा होता है। उसके भीतरसे सब चिड़ियां प्रसन्नतापूर्वक इधर उधर उड़ती फिरती हैं। महराबकी शोभा बढ़ानेको कौड़ियां चीथड़े टूटे बर्तन और पर इत्यादि लगाती हैं। यदि उनमेंसे कोई वस्तु खोजाय तो जिस चिड़िया अथवा जिसके कारणसे खोजाय वही दूँढ़कर फिर उसी जगह उपस्थित करदे, दूसरा नहीं ला सकता। जैसे मनुष्य चौसर तथा शतरञ्ज इत्यादि खेलते हैं वैसेही इन चिड़ियोंके मनोरंजनका एक मजेदार खेल है।
इनी ।
एक प्रकारका पक्षी कोकिलके समान होता है। अङ्गरेजीमें उसको इनी कहते हैं। जहां कहीं वे मधुका छत्ता देखते हैं चिल्लाकर पथिकको सचेत कर देते हैं कि, इस जगह शहदका छत्ता है। पथिक उस बातको समझ जाता है। मधुके छत्तेसे मधु निकाल लाता है। थोड़ा मधु उसको भी दे देता है। इसी कारण उसे इनी गाइड अर्थात् मधुतक लेजाने वाला कहते हैं।
हार्नबिल ।
एक प्रकारका पक्षी है, अङ्गरेजीमें जिसको हार्नबिल कहते हैं। यह एक