भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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हैं। पक्षियोंके चमड़े नर्म हैं उनके लिये कर्ताने ऐसे वस्त्र बनाये हैं कि, जिससे उनको सर्दी और गर्मी कुछ न लगे। दो प्रकारके पक्ष बनाये हैं, एक नर्म जो नीचेके चमड़ेको बचाते हैं ऊपरके सर्दी गर्मी आदिकको रोकते हैं। पशुओंके चमड़े कठोर बनाये गये हैं उसके ऊपर कोश भी बनाये हैं। सब जीवधारियोंको उसकी अवस्थाके योग्य सब कुछ प्रदान किया है। पानीके जीवधारियोंको वस्त्रकी विशेष आवश्यकता नहीं। क्योंकि, वे अपने शरीरको जलमें छिपा लेते हैं। उनमें ऐसी शक्ति दी है कि, वे जब चाहें पानीके तहमें चले जायें अथवा ऊपर आ जायें। जलके जीवधारियोंको नाज और फल आदिककी कुछ आवश्यकता नहीं, कोई २ मछली इतने बच्चे देती हैं कि, जिससे हजारों मछलियोंका पोषण होता है। काडनाम एक मछली है जो एकही बार इतने अण्डा देती है कि, जितने पृथ्वीपर मनुष्य हैं। जब वह अण्डा देती है तो सबको पानीपर फेंक देती है, वे पानी पर तैरते फिरते हैं। सूर्यकी गरमीसे पककर बच्चे निकलते हैं पानी पीकर बड़े होते हैं, फिर एक दूसरेका भक्षण बन जाते हैं, इसी प्रकार इन मछलियोंकी उत्पत्ति बहुतायसे होती है। जैसे बिहिश्चितयोंके पास बहुत हरे हैं। उसी प्रकार मुर्गोंके पास बहुतसी मुर्गियाँ हैं, सेर आध सेर अनाजमें आदमीका पेट भरता है। सत्तर अथवा उससे भी अधिक दस्तरखॉन हो, वे सब बेफायदा हैं, जितनी विषयकी अधिकता है उतनीही अधिक खराबी है, बिहिश्चितके सब सुख मूर्खोंके लिये हैं, बुद्धिमान् बिहिस्त (स्वर्ग) को कभी अच्छा न समझेगा।

परमात्माकी दृष्टि—जीवधारियोंपर समान है, जिसको वह रक्षा करना चाहता है उसको कोई हानि नहीं पहुँचा सकता। अतएव सन् १८७८ ई० में तहसील मुक्तेश्वर जिला फिरोजपुरके कानूनी नामक गाँवमें ईंटों का बड़ा भारी आवा लगा था, जब ईंट पककर ठण्डी होगई तो उठाई जाने लगीं। उस समय उनमेंसे एक चूहा निकल कर भागा, जितनी दूरतक वह चूहा रहा था उसके चारों तरफ पाँच सात ईंट कच्ची रह गई थी। इसी गाँवमें एक मरतबे लोग चूना पका रहे थे, चूना पककर ठण्डा हो गया बाहर निकालने लगे एक दोहाथकी लकड़ी ज्योंकी त्यों साबित निकली, उसमें आँचका एक भी चिन्ह न था, लोगोंने आश्चर्यके साथ सावधानी पूर्वक लकड़ीको चीरा। उनमेंसे डेढ़ हाथ लंबी एक गोर निकलकर भाग गई।

उसकी शक्ति।

वो सर्व शक्तिमान् है जो चाहे सो करे वो जंगमको स्थावर और स्थावरको

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