भारतकोश
कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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सत्यमुकृत, आदिअदली, अजर, अचिन्त, पुरुष मुनीन्द्र, करुणामय, कबीर, सुरति योग संतायन, धनी धर्मदास चूरामणिनाम, सुदर्शन नाम, कु- लपति नाम, प्रमोध गुरुवालापीर, केवल नाम, अमोल नाम, सुरतिसनेही नाम, हक्क नाम, पाकनाम, प्रकट नाम, धीरज नाम, उग्र नाम, दयानामकी दया वंश- व्यालीसकी दया ।

अथ श्रीबोधसागरे

अष्टाविंशतिस्तरंगः ।

अथ जैनधर्मबोधप्रारम्भ ।

दोहा-तीर्थकर जहँ देवकह, गुरुजतिहैं जो जैन । जैनेश्वर मुख भाख जो, ग्रन्थ है केवल बैन ॥

उत्पत्ति कथावर्णन

भागकट षट जैन मत, तामैं द्वे विधि कीन । तीनकाल औ सर्पिणी, उपसर्पिणी है तीन ॥