कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)
Kabir Sagar (11 Parts Complete)
कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
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( १९०८ )
बोधसागर
१८
सुवना सज्य शिर छत्र सोहे, बैठ हंस समाज हो ।
भए हरिपत राय रानी कीन लोक निवास हो ॥
सोरठा--इमि हंसन परसंग, युग बाधे सो हंस होय ।
लोक लाज तज रंग, ते पहुँचे अमरा पुरी ॥
इति श्रीगुरुमाहात्म्य ग्रंथ संपूर्ण