भारतकोश
कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

Devanagarihipublished2,136 पृष्ठ

पृष्ठ 1986, कुल 2136 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1986

( १९०८ )

बोधसागर

१८

सुवना सज्य शिर छत्र सोहे, बैठ हंस समाज हो ।

भए हरिपत राय रानी कीन लोक निवास हो ॥

सोरठा--इमि हंसन परसंग, युग बाधे सो हंस होय ।

लोक लाज तज रंग, ते पहुँचे अमरा पुरी ॥

इति श्रीगुरुमाहात्म्य ग्रंथ संपूर्ण