भारतकोश
कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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बोधसागर

(१२७)

हंसन शिर क्षत्र राजे अमृत फल आनन्द घना ॥ रूप षोडश भानु हंसा कोटि शसिहिं अति बना ॥

सोरठा-धाम जो पाय अमोल, हंसा सुख तहैं विलसही ॥ द्वीपहिं द्वीप कलोल, जरा मरन भ्रम मेटिया ॥

इति श्रीबोधसागरे कबीरधर्मदाससंवादे बीरसिंहबोधवर्णनो नाम तृतीयस्तरंगः ॥

ग्रन्थ बीरसिंहबोध समाप्त ।