भारतकोश
कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

कबीर सागर (11 भाग संपूर्ण)

Kabir Sagar (11 Parts Complete)

कबीर साहेब / खेमराज श्रीकृष्णदास द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास प्रकाशन, बम्बई - कबीर सागर सम्पूर्ण ११ भाग · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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चौकास्वरोदय

वंश अस न टकसार होई । सीखसहित गुरुजाय विगोई ॥ इतनौ भेद है अगम अपारा । नीर पवन चन्द्र सूर्यकी धारा ॥ कार्यसिद्ध नीर युक्ति प्रवाना । सद्गुरु बचन शीश परमाना ॥ उत्तर पूरव चन्द्र सनेहा । दक्षिण पश्चिम सूर्यहि देहा ॥

साखी-इतना भेद चन्द्र सूर्यका, पांच तत्व निजसार ।

दिनतिथि पच्छ उदयलों, सो साँचो कडिहार ॥

कहै कबीर सोई लखे, ए सब मिले टकसार ।

चन्द्र सूर्यको भेद जानै, सो झूठो कडिहार ॥

इतिग्रन्थ चौकास्वरोदय संपूर्ण सत्य सही


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