कबीरपंथी शब्दावली

कबीरपंथी शब्दावली
Kabirpanthi Shabdavali
स्वामी श्री युगलानन्द विहारी द्वारा
स्रोत: Kabirpanthi Shabdavali - Yugalanand Vihari · श्री युगलानन्द विहारी (उद्गम)
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सतसुकृत आदि अदली अजर अंचित पुरुष मुनीन्द्र करुणामय कवीर सुरतियोगसंतायन धनी, धर्मदासकी दया बचन बंश प्रतापी आचार्य—
१ चूराभणिनाम, २ सुदर्शननाम, ३ कुलपतिनाम, ४ परमोद्य गुरु बालापीरनाम, ५ कमलनाम, ६ अमोलनाम, ७ सुरतिसनेहीनाम, ८ हवकनाम, ९ पाकनाम, १० प्रगट नाम, ११ धीरजनाम, १२ उग्र- नाम, १३ दयानाम साहबकी दया.
वर्तमान बचन बंश प्रतापी आचार्य कवीर साहबके अधिकारी आचार्य शिरोमणि १०८ श्रीमहंत काशीदासजी साहबकी तथा सर्व संत महंतोंकी दयासे कवीरपंथी शब्दावली प्रारंभः ।
धर्मरक्षक सिद्धान्त ।
शब्द कहै सो कीजिये, गुरुवा बडे लबार । अपने अपने स्वार्थको, ठौर ठौर बटमार ॥