भारतकोश
कामकलाविलास (पुण्यानन्दनाथ - श्रीविद्या तत्त्व-विमर्श एवं चिद्वल्ली टीका सहित)

कामकलाविलास (पुण्यानन्दनाथ - श्रीविद्या तत्त्व-विमर्श एवं चिद्वल्ली टीका सहित)

Kamakalavilasa of Punyanandanatha with Chidvalli Commentary

पुण्यानन्दनाथ द्वारा

DevanagariHindipublished56 पृष्ठ

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५० कामकलाविलासः सापीशा मित्रेश- मुख्यान्स्वांशाञ्ज्येष्ठमध्यमालाख्यान् । चित्प्राणविषयरूपां- स्त्रेतादियुगादिकारणत्रिगुरून् ॥ ५२ ॥ ——— बीजत्रितयाधिपतीन् परीक्ष्य विद्यां प्रकाशयामास । एतैरौघत्रितयम् अनुग्रहीतुं गुरुक्रमो गदितः ॥ ५३ ॥ ——— उदितः पुण्यानन्दा- दिति कामकलाङ्गनाविलासोऽयम् । परमशिवभुजङ्गपाशा- कर्षितचित्ताय कल्पते नित्यम् ॥ ५४ ॥ ——— चित्तान्तरङ्गचपल- तृष्णासलिलप्रपञ्चवाराशेः ।

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