कामसूत्रम् (जयमङ्गला व्याख्या एवं हिन्दी टीका सहित)

कामसूत्रम् (जयमङ्गला व्याख्या एवं हिन्दी टीका सहित)
Kamasutram of Vatsyayana with Hindi Commentary
महर्षि वात्स्यायन / यशोधर इन्द्रपाद द्वारा
DevanagariSanskritpublished353 पृष्ठ
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विषयानुक्रमः । ३
| पृ० | पृ० | |
|---|---|---|
| २ अध्याये | ||
| २५ कन्याविस्रम्भणम् प्रकरणम् | १६९ | १७६ |
| ३ अध्याये | ||
| २६ बालोपक्रमः ” | १७६ | १८२ |
| २७ इङ्गिताकारसूचनम् ” | १८२ | १८४ |
| ४ अध्याये | ||
| २८ एकपुरुषाभियोगः ” | १८६ | १८९ |
| २९ प्रयोज्योपावर्त्तनम् ” | १८९ | १९२ |
| ३० अभियोगप्रयोज्य-कन्याप्रतिपत्तिः ” | १९२ | १९४ |
| ५ अध्याये | ||
| ३१ विवाहयोगः ” | १९४ | १९९ |
| ### ४ अधिकरणे | ||
| १ प्रथमाध्याये | ||
| ३२ एकचारिणी वृत्तम् प्रकरणम् | २०० | २०६ |
| ३३ प्रवासचर्या ” | २०६ | २०८ |
| २ अध्याये | ||
| ३४ सपत्नीषु ज्येष्ठावृत्तम् ” | २०९ | २११ |
| ३५ सपत्नीषु कनिष्ठावृत्तम् ” | २११ | २१३ |
| ३६ पुनर्भूवृत्तम् ” | २१३ | २१५ |
| ३७ दुर्भगावृत्तम् ” | २१६ | २१७ |
| ३८ आन्तःपुरिकवृत्तम् ” | २१७ | २१९ |
| ३९ बह्वीषु प्रतिपत्तिः ” | २१९ | २२० |
| ### ५ अधिकरणे | ||
| १ अध्याये | ||
| ४० स्त्रीपुरुषशीलावस्थापनम् प्रकरणम् | २२१ | २२३ |