भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

पृष्ठ 112, कुल 354 में से

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प्रथम खंड ४१ 'सुपासण चाल्यां⁵। ' कंठालीया किस्या⁶। भंडार भरीया⁷। आलोचि आत्मानइ आव्या⁸। मंत्रं मुहाडि हुईं⁹। शेहूथ सीपामण हुईं¹⁰। गोत्रदेव्यनइ नैवेद्य नीपनां¹¹॥ सूरा सुभट पित्री तणे घरे घोडा पाठव्या¹²। छत्रीस वर्ण तणा घोडा¹³। किस्या किस्या घोडा¹⁴। उजरा¹⁵। गहुरा¹⁶। कारा¹⁷।

5 थानांतरि-थानांतर B, स्थानंतरि C, थानांतरि D E G K. वहिलां-विहलं A, पहिला B, वहिता C, बहिला D, वहिल्यां K. सुपासग-सुपासन B, सुखासनि C, सुपासानि D, सुपासानि E, सुरवासणां K. चाल्यां-पाला B, चाल्या C D, चालां G. 6 A reads as l 6: कीसा लीया कंठा. कंठा-कोठा C. लीया-रीआ C, लीयां E, सीआ G. ' किस्या-कीसा A, कासि C, कश्या E, कशा G, कस्या K. 7 भंडार-अहंकार A, भंडारी C. भरीया-भरुवा B K, भिरुवा C, भरियां E. 8 C omits l 8. आलोचि-आलेच B E G, आलोचिइं D. आत्मानइ-आत्माने B D E G K. आव्या-ऑया E. G transposes ll. 8, 9; the order being 9, 8. J reads for ll 5-8: सुपासनि चकडोल पालवी । राणी हरसवि बिखि । सदी समाणी सरसा रंगि । भोगि कान्ह सवि लेखि ॥ 9 मंत्र-मंत्रि C, मंत्री D. मुहाडि A E-महीडे B, मुडाधानि C, माहि डाहे D, मुहडि G, महा K. हुईं-हई A,...B C D K, हइ G. 10 शेहूथ-सेल्लहुत B,...C, सेलहथ D, सेल्हत E, सेलतहत G, सिलहत K. सीपामण-सीपांमण C D E G, शीपामन K. हुईं-हुई A C, देइ G, देइं K. After l 10 B adds: पडण पड्या, G adds पडण पड्या. 11 देव्यनइ-देव्यनि A B C, देब्यानइं D E K. नैवेद्य-नैवय D, नीवेद E, नैवेद G, नैवोद्य K. नीपनां-नींपना B. J reads for ll 9-11: गुरु गोत्रमनि सवि देवता । पाय लागी चहूआण । 12 सूरा-सुरा C, सूर E, सूरां G. सुभट-सुभट D, सभट E, सुरा G. पित्री-क्षित्री B, क्षत्री C G,...K घरे-घरि E. घोडा-पोडा B E. पाठव्या-पाठब्या A E. 13 B omits l 13. तणा-तणां D. 14 किस्या किस्या घोडा-किमा २ वर्ण तणा घोडा A, किस्या २ वर्णना पोडा पाठव्या B, से केहा २ C,...D, किस्या घोडा E, कश्या २ G, किस्सा २ घोडा K J reads for ll 12-14. सूरा सुभट पित्री सवि तेडि । जेहमा अतिहि पराग ॥ वर्ण छत्रीसि अश्चन आण्था । ते हवि पुग्त सुग्त कहीइ । 15 उजरा-उजहा A, उज्जोहा B, ऊजरा C, उजरा घोडा D, ऊजहा १ E, ऊजूहा G, उजर १ K. 16-17 गहुरा कारा-गुहरा कारा B, कीरा गुहरा C, काला फेडाडा हवरा D, गहुरा २ कारा ३ E, गहबरा करा G, गुहुरा २ कारी ३ K. 6

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