कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५६ कान्हडदे प्रबन्ध ॥ चउपई ॥ चाहूआण कुलि पुण्य अपार, पुण्यइ म्लेच्छ करिउ संहार । पुण्यइ एक आरोगइ पान, पुण्यइ घरि सांपडइ निधान ॥ २२४ पुण्यइ हुइ सुकुलीणी नारि, पुण्यइ तेजी वाह्रइ वारि । पुण्यवंतनइ सहु को नमइ, पुण्यहीण नर भूला भमइ ॥ २२५ पुण्यइ रोग न आवइ अंगि, पुण्यइ पुरुप रमइ मनरंगि । पुण्यइ अंगि न आवइ रीस, पुण्यइ विप्र दीइ आसीस ॥ २२६ पुण्यइ वाहां नही वियोग, पुण्यइ हुइ सजन संयोग । पुण्यइ पहिरीइ वारू चीर, पुण्यइ हुइ फूटरां सरीर ॥ २२७ २२४ चउपई-चुपै B J, चुपइ C, चुपई: D,...E, चुपइ H. चाहूभाण-चाहूवाण A B, चहूयाना C, चहुआंण D, चाहूदाण E, चहूभागां H, चहूभाग J, चहभाना K. कुलि-कुलि D, कलि D, फुल K. पुण्य- पुंण्य A, पुन्य H. अपार-अरतार A C E. पुण्यइ-पुन्यइ A, पुंणि B, पुणि C J, पुण्यई D, पणि E, पुंनइ H. म्लेच्छ-मलेछ A, मेछ B H, म्लेछ D E K, मलछ J. करिउ-कीउ A, करि B, तणा C, करिउं D, कसाउ K. संहार-सिंढार D. After vs 224 a, B adds foll line : पुण्यविचार जे आणि सहू इम संखेपि प्राकृत कहूं. पुण्यइ-पुंणि B, पुणि C J, पुण्यई D E, पुंनइ H, पुण्यै K. एक-ए C. आरोगइ-आरोगि B C J, आरोग D, अरोगि H, आरोग्पइ K. पान-पांन D E H J K. पुण्यइ-पुंन्य A, पुंणि B, पुणि D J, पुन्यई E K, पुंन्यइ H. सांपडइ-संपजिइ B, संपडि C J, संपजई D, संपजइ E, पामि नवि H. निधान- निशाण C, निर्धाण D E J K. २२५ पुण्यइ-पुंणि B J, पुणि E, पुनइ H, पुण्यई K. हुइ-घरि C, हुई D, होइ J K. सुकुलीणी- सुकलीणी A J, सुकुलंणि D, सकलीणी E, संकुलीणी H, सकुलीणी K. नारि-नार D. पुण्यइ-पुणइ A, पुंणि B J, पुण्यई D E, पुनि H तेजी-रेवंत C D E J, तेजि H. वाहइ-वाधि B C, वहे D, वाझि H J. वारि- वार A. पुण्यवंतनइ-पुम्यवंतनइ A, पुण्यवंतनि B, पुण्यवंतनई D E, पुंन्यवंतनि H, पुंणिवंतनि J. सहु-सहू B C D E J K, सहूह H. नमइ-नमिइ B, नमि C H J, नमई D. पुण्यहीण-पुण्यहीन B J, पूण्यहीण D, पुंन्यहीण H. भूला-भूल D, भूलउ H, भूल J. भमइ-भमई A, भमिइ B, भ्रमि C H J. २२६ पुण्यइ-पुंम्यइ A, पुंणि B, पुण्यई D E, पुन्यइ H, पुंणि J. आवइ-लागइ A, आवे B C H J. अंगि-अंगि E, रंगि J. पुण्यइ-पुंणि B, पुन्यई C H, पुण्यई D E, पुंणि J. पुरुप-परष E H, पुरथ K. रमइ-नमइ A H, रमि B C J, रमई D E. मनरंगि-नवरंग C, नवरंगि D J K. पुण्यइ-पुंण्यइ A, पुंणि B, पुणि C J, पुंन्ये D, पुण्यई E, पुन्यइ H, पुण्यै K. अंगि-अंगे D. आवइ-भावि B H J. पुण्यइ-पुन्य A, पुंणि B, पुण्यई D E, पुनि H, पुणि J. विप्र-सहू D, तापस J, विरान K. दीइ-दिद J, दीयइ K. २२७ पुण्यइ-पुंम्यइ A, पुंणि B J, पुण्यई D E, पुन्यि H, पुण्यै K. वाहां-वाल्हा A E K, वल्लभ C, याहला H, वाल्हा J नही-नहीं B E, नहि D वियोग-वयोग H. पुण्यइ-पुंणि B, पुन्यि C, पुण्यई D E K, पुन्यइ H, पुंणि J हुइ-हु A, होइ J, होई K सजन-साजन A, सुजन B, सज्जन C. संयोग-संज्योग A, संजोग K. पुण्यइ-पुंणि B, पुन्यि C, पुण्यई D, पुण्यई E K, पुनि H, पुन्यि J. पहिरीइ-पहिरई D, पिहरीइ H, पहिरि J, पहिरिये E. वारू-वारु C H. पुण्यइ-पुंणि B J, पुन्यि C, पुण्यई D E, पुण्यै K. हुइ-होइ J K. फूटरां-फूटरु J, फूटरो K. सरीर-शरीर B E J H reads as iv qr : पुन्यवंत नवि पाला जाइ, which is evidently vs 228, iv qr.