भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

पृष्ठ 156, कुल 354 में से

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पृष्ठ 156

द्वितीय खंड ८३ साठि वरस धावरतां पहुचइ धान तणा कोठार । समीयाणे सांतल सपराणउ, मांहि भला झूझार ॥ ९९ सूका पड चिणांनी पूली, कोरडि कडव अपार । पांच सहस सांतलनी वालि वांध्या चरइ तोपार ॥ १०० काठी लूण वरस सु पहुचइ, ऊपरि भली सजाइ । पहिलइ पुहरि विपुहरे सांझइ, साद पडइ भूंजाइ ॥ १०१ पाणी भरियां सरोवर ऊपरि, नीठइ नहीय लगार । जउ आकासि मेघ उलीचइ, तुहि न आवइ पार ॥ १०२ गिरि ऊपरि गढथाहर विसमी, विसमा पोलि पगार । ऊंचा कोठा घणी फारकी, वली ति विसमा भार ॥ १०३ ९९ साठि-सठि H. वरस-वस H. पहुचइ em-पुहचइ A D, पुहुचि B H J, पुहचि C, पहुचइ K. धान-कन B C D H, धांन J. L ms commences from vs 99 ii qr. समीयाणे-सैवाणे B, समीआने C J, समीयाने D, सइवाण्ड H, सयवाणे K. सांतल-सातल A H K L. सपराणउ-सपरांण्ड A K, सपराण B, सपरांण C H J, सपरांणू D, सपराणे L. मांहि-माहे D, माहि H L, माहे K. झूझार-झूझारि K L. १०० सूका-सुकां C, सूका D H J. पड-पडनइ A, कड C. चिणांनी-चेणानी C, चणानी D, चींणानी H, चिणांनी K, तणीनी L. पूली-पुली D. कोरडि-कोरड L. कडव-करड A. अपार-अपारई L. पांच-द्रांणि H. सहस-सहिस B K, सहूअ C. सांतलनी-सातलनी A L, शांतलनी C, सातलना K. वालि-वालिं B D, चालइ K, घालइ L. वांध्या-घाधा A. चरइ-चारे B C H J, चरएं D. तोपार-तुपारई L. १०१ सु-... A, सठ K L. पहुचइ em-पुहचइ A L, पुहुचिइ B, पुहचि C, पुचि H, पुहुचि J, पहुचइ K. सजाइ-सजाई H. पहिलइ-पहिलि B C H J, पहिलई D L. पुहरि-पुहुरि B H J, पहुरि K, पुहर L. विपुहरे-विपहर नइ A, बिपहुरे B, साद पडातु C, विपुहुद

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