भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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१०२ कान्हडदे प्रबन्ध जउ आवसइ पातसाह वली, तउ आवर्जन करिसूं भली । जउ गढि नावइ करीय पराण, तु सूयर भक्ष करइ सुरताण ॥ १२ कान्हडदे बोलिउ हठि चडी, वल्या प्रधान न लाई घडी । तव प्रधान अवगुणणा हुई, पातसाह जुहारिउ जई ॥ १३ आगलि रही करि अरदास, चाहूआण राउ लीलविलास । जउ सायर वडवानल समइ, तउ कान्हड तुरकांनइ नमइ ॥ १४ कान्हडदेवि कही परि घणी, किसी वात समीयाणा तणी । केहउ गर्व तुम्ह मनि धरउ, सात वरसि लीधउ डूंगरउ ॥ १५ १२ जउ-जु B D H J, जो L. आवसइ-आवसि B, आवसिइ D, आवासि H, आवि J, आवस्यइ K, आवइ L. पातसाह-पातशाह J, पातिसाइ K, पातिसाहि L. तउ-तु B D H J. आवर्जन-आवजेन A D, आवरजन B H K. करिसूं-करस्यूं B, करसिउं D H, करशूं J, करिस्युं K, करिसउं L. भली-मिली J, वली K L. C reads as 12 a: एहना गुण हुं तु मुखि भणे आहां आवि तु मत्रीपणे. जउ-तु B C H J, जइ L. गढि-... D, गढ K. नावइ-न आवि B, नावि C J, आवि H. करीय-करी B C D J K L. पराण-पराण D J K. तु-... K L. सूयर-सुयर D, सहर H, सूअर K, सूवर L. भक्ष करइ-पाइ A, भक्ष करि B, भक्ष करि C H J, भव्य करि D. सुरताण-सुरतांण C J, सुरतांण H, सुरितांन K, सुरिताणि L. १३ कान्हडदे-कान्हटदे A J, राहनडदे D, कांहानडदे H. बोलिउ-बोलइ A, बोलिउं D, बोल्युं H, बोल्यउ K, बोल्यो L. हठि-हठ A C K, हठे B. B transposes as हठे बोलिउ. चडी-चडी L. प्रधान- प्रधांन D H J K. न-नवि D, लागी J. लाई-लाइ A, लागी C D H K, नावि J. तव-तु B H, तउ L. प्रधान-प्रधांन H J K, प्रधाने L. अवगुणणा-अवगणना A H, अवगुणता D, अठगुणी K, अवगुण L. हुई- हीइ A, होइ B J, हुई D, सही K, नही L. पातसाह-पातशाह J, पातिसाहनइ K, पातिसाह L. जुहारिउ- जुहारी A, जुदारि B, जुहाखा J, बातज K. जई-जीइ A, जोइ B, जइ H, कही K, जइ L. १४ आगलि-आगल L. रही-जई A. करि-करी A D H K, करइ L. अरदास-अरदासि A K. चाहूआण- वाहूयाण A, चहूयाण B D, चहूआंण C J K, चहूआंणां H, चाहुआण L. राउ-रा B, राय C D J K. लील- विलास-डीलाविलास A, लीलविलाश C, लीलवीलास K. iii qr in J is: जु सूऱ्य उगे पश्चिमि. जउ- जइ A K, जु B C H, जू D, जो L. वडवानल-वडवांनल A. समइ-समिइ B, समि C D. तउ-तोई A, दुहि B, तु C D J, तुए H. कान्हड-दान्हट A C, काहान B, कांहान H, कान्ह K, कान्हडई L. तुरकांनइ नमइ-तुरकां न नमइ A, न तुरकह भमिइ B, तुरकनि नमि C, तुरकनइं नमै D, तरफ़कू नमइ H, तुरकनि ममि J, तुरकानइ नमइ L. C interpolates the following two verses after 14: सूर्यकांत जु हुइ सोम मेह महीधर छंडि ठाम । जु विह्वानर तातउ थाइ तु कान्हडजी लागि पाय ॥ पातसाही ताहरी परिमांण जु कान्हडजी मानि थाण । कान्हडीना गुण केता भणूं हवि आणीसि बल तुम्ह सणूं ॥ १५ कान्हडदेवि-कान्हडदेवि A, कयी कान्हडदे B, कान्हडदेई C, काहनडदे D, कांहान तणी J, कांहानडदेवि H, कान्हडदे L. कही परि-परि कही B, कहीइ परि D, परि कहीइ J. किसी-कही H. समीयाणा-सेवाणा B, समीआणा C H J, समीआंणा K. केहउ-केहु A B C, कीहुं D, तेह H, बहु J, किसउ L. गर्व-गरव H J. तुम्ह-तह्म B H, तहमे D, तिसितउ J. मनि-म म H. धरउ-घइ B C D J, घरउ L. सात-शता B, साते D. वरसि-वरस B, वरसे C D J K L, माहसे H. लीधउ-लीधु A B C H J, लीधू D, लीधो L. डूंगरउ-डूंगह B C J, डुंगर D, डूंगह H, डूंगरउ K, डूगरो L.