भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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4 KĀNHADADE PRABANDHA Verses in DEERASARI'S Edition Corresponding Verses in the Present Edition मरण तणि भयि भोजन वार मरण तणइ भयि भोजन बार वांसी चाटुउ धरइ सूआर ॥ बांस चाटवड धरइ सूआर ॥ १-२५ पातसाहनी पहिरामणी पातिसाहनी पहिरामणी तव घरायउ ^1 सिम्भरनु धणी ॥ उगराहह सिंबरिनउ धणी ॥ १-३० पाला पति पटावत काहर पाला पलइ पटायत काहर भोइ नव लभि पार ॥ भोई नइ घलवाल ॥ १-४२ आगलि थिको वागडू सावज आगलि थिकी वागहू साविज बाटि नाठां जाइ । वेडई नाठो जाइ । विसमी भूमि लीह विहू दिसि विसमी भूमि लेहें देसाउत हुटी भाटां धाइ ॥ निहूं दिसि घाटो धाइ ॥ १-४९ आगइ अन्न वंग संू बीतुं आगइ अन्न वरासउ बीतउ छयल