भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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१३८ कान्हडदे प्रबन्ध ॥ दूहा ॥ पुण्य तणउं ए पारपूं, जे दिन रूड़इ जाइ । पद्मनाभ पंडित भणइ, तउ सुर किंकर थाइ ॥ १६८ हय गय सुहड सारथ सवि, जउ मदि माता होइ । नीर पवन पावक तणी झड नवि झालइ तोइ ॥ १६९ ॥ चउपई ॥ उल्कापात हूउ विकराल, विषम धूम धूंघूइ विराल । वलिउं कटक छांडिउं मेल्हाण, दीली भणी चाल्यउ सुरताण ॥ १७० सोनगिरि जु छांड्यु घाट, वली मोकलिउ गोल्हण भाट । भाट भणइ राउल इम जाणि, वीरमदे तेडिउ सुरताणि ॥ १७१ वीवाह तणी न करसि वात, करी मेल देसइ गूजरात । कान्हडदे अवगुणना करी, गोल्हण साह आविउ ऊतरी ॥ १७२ १६८ दूहा-दुहा D, दूइ E. पुण्य-पुंण्य A, पून्य L. तणउं-तणुं B J, तणं C D K. ए-जे L. पारपूं- पारपुं A, पारिपुं C K, पारप्यो L. जे-जउ A. रूड़इ-रुडा B, रडि C, रूड़ई D, रुडु J, रुड L. जाइ-जाई C, जाय J. पद्मनाभ-पद्मनाम B J, पद्मनाभि K, पद्मनाभि L. भणइ-भणिइ B, भणि J, भणई L. तउ- तु B,...J K, तुझ C, तमु D, ता L. सुर-सुर ते J, सुरनर K, उरि L. थाइ-थाई D, थाय J. १६९ D omits vs 169. सुहड-...L. सारथ-समरथ A B, समर्थ C, भउ J, साहण L. सवि-सवे A, वर तुरी L. जउ-जु B C J, जो L. मदि माता-मदि मत्ता J K. नीर-नीरि L. पावक-पातिक L. झड- झडि C L, झालइ-लाइ B, झालि C J, लागइ K. तोइ-तोर B, कोइ C, तोय L. १७० चउपई-चुपै B C J, चुपई D, चोपई L. उल्कापात-उलकापात C, उल्पापात K. हूउ-हऊउ B, हुउ K. विकराल-विक्रालि L. धूम-धूंम C,...L. धूंघूइ-धूंधूंइ B, धूंधूई D, धूधूह J, धूंयमइ L. विराल- अपार A D, वराल B, बिसराल K. वलिउं-वलतुं D, वल्युं J, वल्यउ K, चाल्या L. कटक-तुरक