भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

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तृतीय खंड ३५९ वइगरणा धर्मादिकरणा मसाहणी टावरी बारहीया पुरुष वइठा छइ³¹ । ॥ चउपई ॥ कोठा नई कोसीसां घणां, गुप चार मढ मतवारणां । वली धवलहर जोयां चडी, रतनजडित वइठी फूटडी ॥ २४२ ; राजलोक जोया कुंयरी, जिहां कान्हडनी अंतेउरी । कूंयरि करइ केतलउं वपाण, जोया पंचवर्ण केकाण ॥ २४३ 31 अमात्य-आतमा D, ...L. प्रधान सामंत मंडलीक-मंडली प्रधान सामंत B, ...C, प्रधानः सामंत मंडलीक D, प्रधान मंडलीक E, सामंत प्रधान मंडलिक K, सामंत प्रधान मंडलीक L. मुकुटवर्द्धन- मुकुटप्रधान B, ...C K, मुकटवर्द्धन D, मुंगधरा E, मउडधरा मुगटवर्द्धन L. श्रीगरणा-श्रीगुरणा D, सङ्गरणां L. पंइगरणा-विगरणा B, वयगरणा D E. D transp as : श्रीगुरणा वयगरणा मुकुटवर्द्धन. धर्मादिकरणा-. .B E, अंगलेहा C, अगलेह D, मउडडंग अंगरक्षक K, कोठारी भंडारी L. मसाहणी- ममाहणी A, मसाणी B, मसाणी C K, साहण E. टावरी-टाटरी E, पटवारी कोठारी K, वरी L. बारहीया-बारही A, बाराह B, वाहरि C, वराहीआ E, बारहिआ K, बारहीय L. पुरुष-पुरष A L, परखे