भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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Appendix III Verse - Index The first quarter of each verse is given below in the alphabetical order with its number mentioned against it. If the verse is an interpolated one, and occurs, therefore, in the footnote only, the fact is indicated by the addition of n to the verse-number. Thus, for instance, I 38 indicates verse 38 in Khanda I, while II 92 n indicates that the verse is an interpolated one and occurs in the footnote to verse 92 of Khanda II.

श्लोक | खंड | पद्यांक || श्लोक | खंड | पद्यांक | | || असपति राउ भणइ परधानां | ४ | १७६ अबला अंगि एतली आहि | ४ | ३३२ || असपति राय इसूं मुषि बोलइ | २ | ९७ अमृत हाथ थकुं किम डोलीइ | ३ | १३९ || असुर ढली घरि आवीउ | १ | २४८ अरतीमेर विजेसी वली | ४ | २६३ || असुरां पूठइ एक भड धाया | ३ | ८३ अलची पलची अनइ कनोज़ा | २ | ९२n || अंगा टोप रंगाउलि पांडां | १ | १८९ अलाउदीन पातिसाह मोटउ | १ | ३८ || अंगा रंगाउलि टाटर टोपी | २ | ९२n अलाउदीनि हरष आणिने | १ | ३९n || अंगोअंगि पट्टे अणीयाले | १ | २१० अलखान आवसि पूंतारइ | १ | १४५ || | | अलखान एकलउ नाठउ | १ | २१८ || आगइ जहा घरांउत वीतउ | १ | ५३ अलखान एवडु भडवाड | २ | १२ || आगइ अवधि कही कुंमरी | ४ | ३३३ अलखान एहयूँ संभाळउ | १ | १३१ || आगइ ए गढ कहिउ सदैवत | ४ | १७७ अलखानभइ यइ सवि झाप | २ | १० || आगइ पातिसाह अधगणीउ | १ | १०९ अलखानउ जाणी दोस | २ | २३ || आगइ भड रायराणउ हुतउ | ४ | २६४ अलखानउ भांजी कंध | ४ | २९२ || आगइ रूद्र घणइ कोपानलि | १ | १०१ अलखान वलवंतउ वंदउ | १ | ३६ || आगइ वार विच्यारि हराख्या | २ | ७६ अलखानि आपणपूं दीठउ | १ | १०८ || आगलि उठ समारह वाट | ४ | ८४ अलखानि पहडुं फुरमायूं | १ | ९८ || आगलि थिका कुदाला चालइ | १ | ४८ अलखानि एहयूँ फुरमांयुं | १ | १३९ || आगलि थिकां वागडू साविज | १ | ४९ अलखानि एहयूं नवि जाण्युं | १ | ११० || आगलि रही करि अरदास | ३ | १४ अलखानि जण साधि मोकल्या | १ | १५२ || आगिवर्ण ऊडंता बावइ | २ | १२७ अलखानि जूनूझा दिवाइआं | १ | १३८ || आज छगह सहू को जाणइ | २ | ५५ अलखानि पाटणगढ मेल्यउ | १ | ६६ || आठ पुहर नित पूजा करइ | ४ | २२ अलखानि विणसाडिउं काज | २ | २१ || आठ वरस मांहि भाठज दिहाडा | ४ | १८० अलखानि हाथी पधराख्या | १ | २०६ || आणि वार जालहुरि जईनई | २ | ७७ अलंब नेजा घणा मरातब | २ | १०६ || आदां सूरज भइ पीडालू | १ | ७६ अवधानीया अनइ टावरी | ४ | ४१ || आदिपुरुष अवतार पुरि | १ | २ अवधि एतलइ पहुतउ काल | २ | १५९ || आधी राति जइत देवडउ | ४ | २१८ अवइराज उत्तम अवतार | ४ | ३३९ || आधी राति देवकीनंद | ३ | १६४ अवयराज वेतलूं वयाण | ४ | ३३७ || आपआपणे मीड तणे | २ | १५१n असम उलख्यां ढोल असूष्या | १ | ८५ || आपपिराया विगति न छामइ | १ | २०० असपतिदल नवि लामइ पार | ३ | १४९ || आम वात विहुं पाषि करी | ३ | २०५ असपति राइ बोलिउं सुं दुल्ल | २ | ९n || आम वात सांभलि अरदास | ३ | १२२