भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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परिशिष्ट २६१ श्लोक खंड पर्यांक | श्लोक खंड पर्यांक एक पनुती हो बणलूडी जी ३ २३२ | कइ विश्वासघात अम्हे कीधा १ १६७ एक भणइ - अम्हे जनमि आगिलइ १ १५९ | कटक उपडीयां करी दमामां १ १९६ एक भणइ ए हुंतउ भरंसउ १ १७५ | कटक तणी सामगरी दीठी २ १०७ एक भणइ - कान्हडदे टाली १ १४० | कटक मांहि तेजी पावरीया २ १९४ एकमना राउल संचरइ ४ २५३ | कटक तोरकह धिड संहार ४ १०९ एकमनु तुरकांसू भडिउ ४ २८२ | कटक तोरकां तिणइ समइ ४ १२१ एक मांदा एक न सकइ उठी १ १५६ | कटक तोरकूं संकअउं भलू ४ २१० एक लाप पांडाघर पली ४ १०४ | कटक मांहि परधान पहुता १ १३७ एक वात हीयइ आणज्यो ४ ८९ | कटक मांहि हाथी पावरीया १ ८३ एक वार भागइ दैत्यधु १ १२० | कटक सनाहु हाथी घोडा १ १८१ एकवीस ऊथिला सपराणा ३ १०२ | कणयाचल जगि जाणीइ ४ ५ एक सहस पायकरयूं गयउ ३ १८९ | कमले भावी कुंयरी सुणी ३ २२७ एक सुहड ऊठइ एकमना ३ १०१ | कमालदीन मलिक तेडीयउ ४ ६३ एक सोनिगिरउ गढवाड कि ४ १६८ | करइ रीस ऊभी घरवारि ४ २०४ एक सोनिगिरउ राउ किं ४ १६६ | करस्यूं काम विछेदन् जाई २ ३० एक पांति पूरवउ अण्हारी १ १५१ | करी केडि तुरकांणां पूठि १ १९७ ए पेचास सहस मूंगला ४ ११९ | करी कूच जाई मइ लेइयो २ २९ एह जनम फूटइ सुरताण ३ २२० | करी मंत्र जालहुर कान्हद १ ११३ एहज वात चतुर्मुखि कही ४ २०० | करी पराण विपुहरी धारह ४ १६१ एह बात असंभव हुई ४ ३२२/४ | करी प्रतन्या राउल कान्हडि १ १८४ एह बात कान्हड संभली ३ १७२/१ | करी वि फोज मालदे राउल १ २०० एहवो वचन चामगो बोलइ १ १७४ | करी भेटि राउले प्रधाने १ १४१ एहवी बुद्धि सये भादरउ ४ ११५ | करी मसूरति देई सीपामण २ २५ एहवी भूमि विखम मई धांपी २ ७१ | करी वालि बांध्या केकाण २ १४८ एहवी वात पातसाह सुणइ ३ १९२ | करी विछोह जूजूआं कीधा १ १५८ एहवी वात हुई नवि होसइ १ ३५ | करी सजाई दीया दमामां १ १२३ एहउं आयस लहइ प्रधान ३ १८८ | करी सजाई सहू सांचरिउ २ ४१ एहउं वचन कहिडं गंभीर ४ १५१ | करी सनांन उगण्या थाल २ १५३ एहउं वचन पातिसाहि कहिउ ४ ४ | करी हाक जिम उठइ माल ४ २६७ एद्धउ डांग तणउ अनुराग १ २४ | करी हाक हिंदू दळ साम्हउ ३ ७३ क | कहइ पातसाह संभलि माइ ४ ६० कइ अम्हे कुलआचार छोडीउ १ १६३ | कहइ प्रधान अवधारउ राय १ ३१ कइ अम्हे नीचसंग आचरियउ १ १७० | कहइ प्रधान एक परि कीजइ २ १३९ कइ अम्हे मायबाप नवि मान्या १ १६२ | कलयगुंद नह मानागूंटी २ ७० कइ अम्हे सप्त विसन आचरीयां १ १७३ | कळस थिका कान्ह उलीचइ ४ १५४ कइ अम्हे स्वामिद्रोह आचरीया १ १६९ | कलियुग मांहि देव अवतरी ४ २१५ कइ कुंवर वीरमदे यहं ३ १२७ | कलियुग मांहि सत्य फूटसइ ३ २१९ कइ परनारीगमन आद्यह्यो १ १६४ | कलियुग मांहि कान्ह चहूभान ३ २१४ [