भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

पृष्ठ 344, कुल 354 में से

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परिशिष्ट २६७ श्लोक खंड पद्यांक पारकर पूगलू मारोट ४ ९६ पारकरी संधूआ कहीअि २ १२३ पालि आवी जोइ लोकु २ १४४ पापलि करणा काठगढ पाई १ १३४ पांच लिंग जे पूजा करइ १ २५६ पांडव दीह चासणी पाण १ २४२ प्राणि पुरातलि धरणी पूंदइ १ १८७ पिंड प्राण हुइ पाहुणा २ १५७ प्रीति सहोदरस्यूं घणी १ १० पुण्यइ करी राय दीइ मान १ २३१ पुण्यइ पामीइ विद्या वली १ २३२ पुण्यइ मयगल बाझइ वारि १ २२९ पुण्यइ सुपि कुडंड नवि चवइ १ २३३ पुण्यइ रोग न आवइ अंगि १ २२६ पुण्यइ बाह्यौ नही वियोग १ २२७ पुण्यइ सूईइ तलाइ पाट १ २३० पुण्यइ हुइ सुकुलीणी भारि १ २२५ पुण्य तण

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