भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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२७० कान्हडदे प्रबन्ध श्लोक खंड पद्यांक श्लोक खंड पद्यांक लिष्मीवंत पेतसी तणउ ४ ३३६ वली पमाल अनइ नाथरउ ४ ९८ लीउं बाण सींगिणि गुण परठिउ २ १२३ वश्यां कटक मइ अग्यउ भाण ३ ३३ लीजइ मोर त्रिहुं ऊडाणे १ १२१ वसइ नगर गिरि ऊपरि घणउं ४ ९ लीधउ गढ आणिउ अभिमान ३ २ वाइ घाउ वेडि दव बालइ १ १०६ लूणवरण माल्हण हइ सही ३ १८० वाजइ ते गणि पाछउ जाइ ४ १३६ लृणकरण माल्हण लोह्रद्द ४ २२० वात एतली कटकि सांभली ४ १६० ल्हुंडउ नइ रीझावत पतु ३ ४१ वात वात छेहि करइ सलाम २ १८ लेइ मेटि कद् मिलवा आवे १ ११६ वानर तणी परि झडपीनइ २ ११३ लेप लियाणा आयस दीधो १ १८३ वारह वारह हारि सांभली २ ५९ लोक उतारीया करी उपाय २ १६२ वाला वाजा अनइ जेठूआ १ ८२ लोक सवे नासी गढि चढीया २ ९८ वाहणि चडतां लीजइ साधि ४ १३४ लोभइ एक नर छांडइ मान ४ १९१ वांचिउ लेप सझाई कीधी २ ८० लोभइ एक नर लोपइ धर्म ४ १८६ विद्या वाद विनोद अपार ४ १० लोभइ एक विदेमइ रलइ ४ १८७ विर्रहइ वात वरतेवा लागी १ ९७ लोभइ एक करइ दारिद्र ४ १८८ विलग्इ गयरि देव दैत्यनइ ३ ७७ लोभइ जमल्ड वासि म वसइ ४ १८९ विलवइ वे सती १ १२३ लोभइ धर्मलोप कादरइ ४ १९० विवहारीया राय धीमवइ ४ १२६ लोभइ नर विदेसइ सुलइ ४ १८७ विषम कर्मगति किम टलइ ४ २४४ लोभ विहूण्ड जे नर मरइ ४ १९३ विषम दुर्ग मई सवि पालटीया २ ७५ लोभिहं उलिंघइ पर्वतमाल ४ १८६॥ विषम दुर्ग सुणीइ घणा ४ ६ लोभमूलानि पापानि ४ २०३॥ वीकइ मीटरडरूनी यावि ४ १८२ लोहइइ जठी फरक नह रहिकल ४ ९१ वीकउ भणइ म पाठा जास्युं ४ १८३ लोह्रदां तणी फाटकडि ऊडी ३ ७५ वीज तणी परि लोह झवूकइ ३ ८१ ल्यु संनाह थाउ असवार ४ २९७ वीनवीया जइ मइ सुरताण १ ३४ व वीरठ भडसी नइ मोपसी ३ ५७ वचन अवधारउ असपति राइ २ १३ वीर भणइ ए साचूं सही ३ २३१ वचन कान्ह नवि लोपइ सही ४ ११२ वीरमदे जाणिउं अनुमानि ४ ३०६ वजीर मलिक सवि एणी परि बोलि २ ९२॥ वीरम भणइ उधारउ जीउ ४ १२८ वडउ वीर विख्यात वदीतउ १ ३५ वीरमदेव वंश घण काज ४ २९८ वधामणीउ पहिलु चालिउ ४ १५८ वीरम लोहट घीहुल जानि ४ २७१ वरनी मेल देवकइ पाटणि १ ८६ वीर वचन लोपइ आपणूं ४ ३२२ वरस अठार लगइ त्रापढा ४ १३५ वीरवदन महिमा एवडउ ४ ३१६ वलतउ पातिसाह इम भणइ ४ ११० वीरहाक यात्री गयणंगणि ३ ८० वली गणेश ते मुहिणा माहि ४ १०९ वीवाह तणी न करसि वात ३ १०२ वली पड्या विमणा हवसी ४ ११९ वीसलनगरउ नागर एक ४ ३४० वली मलिक चडीआ तिणि समइ ४ २५१ वेट्टि तणा जाणइ परपंच ४ २६८ वली मलिक सूंदीनइ आइइ २ ४७ व्याम कहिउ करणी परि ४ २३३ वली रत्तीभामणू ४ ३०४ व्याम भणइ राउल अवधारि ४ २१० वली लोभ देषाव्या घणा ४ १९४ व्याम बोलीया वचन विचारि ४ १४२ वली विझेणी ऊदउ जानि ३ ६६ वली विभागी पायइ हुंतउ २ १३०