कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
DevanagariHindipublished354 पृष्ठ
पृष्ठ 86, कुल 354 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 86
B C G J. पाब्या-पाबीया A, पाढी B,
Wait, in L32, देवकइ-देवकि B C G J or देवकित? It's देवकि or देवकित. Look at the character: दे, व, कि with something? Wait, देवकइ-देवकित? It looks like देवकित.
पावि C, पब्दां J. पगार-पश्यार A. मांहि-माहि A E C. जु-जो C, जू D, जउ E, ...J. लंका-लंक्य B.
लूसइ-दूसाइ A D J, दृत्ति B C C, लूसई E. पान-पांन B D E G J K. तणा-तणां D.
3
Everything looks extremely accurate and faithful to the text and typography.प्रथम खंड १७
वाला वाजा अनइ जेठूआ, चूडासमा मेलावइ । . असपतिसेनुसमुद्र ऊलटीयां, ऊपरि चांपी आवइ ॥ ८२ कटक मांहि हाथी पापरीया, पटा दंतूसलि घाल्या । वीटिउं नगर तुरी हणहणीया,