कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८)
महाकवि सोमदेव भट्ट द्वारा
स्रोत: कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८) · बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना · 1961 (उद्गम)
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द्वितीय तरंग ४८४-५३९ नरवाहनदत्त का अलंकारवती के घर जाना ४८४ अशोकमाला की कथा ४८७ स्थूलभुज विद्याधर की कथा ४९३ अनंगरति की कथा ४९५ अनंग- प्रभा की कथा ५ ५ अनंगप्रभा और मदनप्रभ की कथा ५३१।
तृतीय तरंग ५३९-५६७ नरवाहनदत्त और कार्पटिक (भिखारी) की कथा ५३९ राजा क्षत्रवन्त और कम्बवन्त भिखारी की कथा ५४१ वीर ब्राह्मण प्रलम्बबाहु की कथा ५५१ वीरवर ब्राह्मण की कथा ५५१ वैश्यपुत्र सुप्रभ की कथा ५५७।
चतुर्थ तरंग ५६७-६ १ नरवाहनदत्त का मृगया-वर्णन ५६७ चार दिव्य पुरुषों की कथा ५६९ नरवाहनदत्त का पर्णतद्वीप में जाना और विष्णुसेवा की प्राप्ति ५७१ नर वाहनदत्त का नारिकेल-द्वीप में जाना ५७५ समुद्रवैश्य की कथा ५७९ समुद्रशूर वैश्य की कथा ५८१ राजा कनकप्रभ की कथा ५८७ राजा बहुसुवर्ण की कथा ५८९ अर्थवर्मा और भोगवर्मा बनिये की कथा ५९१।
पंचम तरंग ६ १-६३५ मद्रभूति की कथा ६ १ राजा चिरदाता और उसके प्रसंग नामक भृत्य की कथा ६ ३ राजा कनकवर्ण की कथा ६ ५।
षष्ठ तरंग ६३५-६९६ धनस्वामी और उसके पुत्र महीपाल की कथा ६३७ चक्र और खड्ग नामक वैश्यपुत्रों की कथा ६५५ अहंकारी मुनि पतिव्रता स्त्री और धर्मव्याध की कथा ६५९ नल और दमयन्ती की कथा ६६७।
शक्तियश नामक दशम लम्बक ६९५-९९५ प्रथम तरंग ६९५-७२१ मङ्गलाचरण ६९५ नरवाहनदत्त की कथा (क्रमागत) ६९५ एक भारवाहक (मजदूर) की कथा ६९७ मङ्खट की कथा ६९९ मालदास की कथा ७ १।
द्वितीय तरंग ७२१-७४ विक्रमसिंह और कुङ्कुमद्रिका वेश्या की कथा ७२१ चन्द्रश्री और सीलहर वैश्य की कथा ७२९ बुद्धिका और देवदास की कथा ७३१ मयूरतार और उसकी स्त्री की कथा ७३१ राजा सिंहबल और रानी कल्याणवती की कथा ७३५।