कौषीतकि ब्राह्मणोपनिषद् (हिन्दी अनुवाद सहित)
Kaushitaki Brahmana Upanishad with Hindi Translation
स्वामी महेश्वरानन्द गिरि द्वारा
स्रोत: मेहता चैरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली · मेहता चैरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें१५ वामावास्यां वा शुद्धपक्षे वा. पुण्ये नक्षत्रेऽग्निमुपसमाधाय परिसमुह्य परिस्तीर्य पर्युक्ष्यतोत्पूय दक्षिण जान्वाच्य स्रुवेण वा चमसेन वा कंसेन वैता आज्याहुतीर्जुहोति वाङ्नामदेवतावरोधिनी सा मेऽमुष्मादिदमवरुन्द्धां तस्यै स्वाहा प्राणो नाम देवतावरोधिनी सा मेऽमुष्मादिदमवरुन्द्धां तस्यै स्वाहा चक्षुर्नाम देवतावरोधिनी सा मेऽमुष्मादिदमवरुन्द्धां तस्यै स्वाहा श्रोत्रं ना देवतावरोधिनी सा मेऽमुष्मादिदमवरुन्द्धां तस्यै स्वाहा।।७।। अब उत्तम धनकी प्राप्तिका उपाय कहते हैं उस उत्तम धनकी इच्छा करने वाला मनुष्य पौर्णिमा या आमावस्या को अथवा शुक्ल पक्ष में किसी शुभ नक्षत्र पर अग्नि सिद्ध करे। अग्नि के चारों ओर की भूमिको झाड़ कर उसके चारों ओर दर्भ बिछावे, जल के छींटे लगावे और दाहिना घोंटू झुका कर स्रुवा से अथवा चम्मच से अथवा कांसे के किसी पात्र से आगे लिखे के अनुसार आहुति दे। “वाणी नाम का देवता अवरोधी (प्राप्त कराने वाला) है, वह मुझको उससे मिला दे, उसके लिये स्वाहा।” “प्राण नाम का देवता अवरोधी है, वह मुझको उससे यह प्राप्त करादे, उसके लिये स्वाहा।” “नेत्र नाम का देवता अवरोधी है, वह मुझको उससे यह प्राप्त करादे, उसके लिये स्वाहा” “श्रोत्र नामका देवता अवरोधी है, वह मुझको उसके यह प्राप्त करादे, उसके लिये स्वाहा।।७।। मनो नाम देवतावरोधिनी सा मेऽमुष्मादिदमवरुन्द्धां तस्यै स्वाहा प्रज्ञा नाम देवतावरोधिनी सा मेऽमुष्मादिदमवरुन्द्धां तस्यै स्वाहेत्यथ धूमगन्धं प्रजिघ्रायाज्यलेपेनांगायनुविमृज्य वाचयमोऽभि- प्रवृज्यार्थं ब्रूवीत दूतं वा प्रहिणुयाल्लभते हैव ।।८ ।। “मन नामका देवता अवरोधी है, वह मुझको उससे यह प्राप्त करादे, उसके लिये स्वाहा।” “प्रज्ञा नामका देवता अवरोधी है, वह