कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)
Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola
आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्र० १६०-१६१ : अ० १ ] भेदक-प्रयोग और उपांशुदण्ड ६७३
(१) प्रसह्यापहृता वा वनान्ते क्रीडागृहे वापहर्तारं रात्रौ तीक्ष्णेन घातयेत् । स्वयं वा रसेन । ततः प्रकाशयेद्—'अमुना मे प्रियो हतः' इति । (२) जातकामं वा सिद्धव्यञ्जनः सांवननिकीभिरोषधीभिः संवास्य रसेनातिसन्धायोपगच्छेत् । तस्मिन्नपक्रान्ते सत्रिणः परप्रयोगमभिशंसेयुः । (३) आढ्यविधवा गूढाजीवा योगस्त्रियो वा दायनिक्षेपार्थं विवदमानाः संघमुख्यानुन्मादयेयुः इति । अदितिकौशिकस्त्रियो नर्तकीगायना वा प्रतिपन्नान् गूढवेश्मसु रात्रिसमागमप्रविष्टांस्तीक्ष्णा हन्युर्बद्ध्वा हरेयुर्वा । (४) सत्री वा स्त्रीलोलुपं सङ्घमुख्यं प्ररूपयेत्—'अमुष्मिन् ग्रामे दरिद्रकुलमपसृतं, तस्य स्त्री राजार्हा, गृहाणैनाम्' इति । गृहीतायामर्धमासान्तरं
उसके पास जाकर वह स्त्री कहे 'आपके प्रति मेरी दिली ख्वाहिश होने पर भी अमुक संघमुख्य मुझे आपके पास आने से रोकता है। उसके जीवित रहते मैं आपके पास न आ सकूँगी', इस प्रकार दूसरे संघमुख्य के वध का आयोजन किया जाय।
(१) अथवा बलात् अपहृत स्त्री तीक्ष्ण गुप्तचर द्वारा अपने अपहरण करने वाले व्यक्ति को मरवा डाले, अथवा स्वयं ही उसे विष देकर मार डाले। तदनन्तर यह अफवाह फैलाये कि 'अमुक संघमुख्य कामुक व्यक्ति ने मेरे प्रियतम को मार डाला है।'
(२) अथवा संघमुख्य जब उस स्त्री पर आसक्त हो जाय तो सिद्ध के वेष में रहने वाला गुप्तचर उस स्त्री पर वशीकरण मन्त्र प्रयोग करने के बहाने संघमुख्य व्यक्ति को विषमिश्रित औषधियाँ देकर मार डाले और स्वयं वहाँ से भाग जाय। उसके भाग जाने पर सभी गुप्तचर इस अफवाह को उड़ायें कि 'प्रतिद्वंद्वी किसी कामी पुरुष की प्रेरणा से ही सिद्ध-पुरुष के द्वारा इसको विष देकर मारा है।'
(३) कोई धनी विधवा, गूढाजीवा (गरीबी के कारण व्यभिचार करने वाली सधवा), या स्त्री का कपटवेष धारण करने वाले पुरुष दायभाग या अमानत आदि का विवाद लेकर निर्णय के बहाने संघमुख्यों के पास जाकर उन्हें अपने वश में कर ले। अथवा अदिति (तरह-तरह के देवताओं के चित्र दिखाकर जीविका कमाने वाली) स्त्रियाँ, या कौशिक स्त्रियाँ (सँपेरों की स्त्रियाँ) या नाचने-गाने वाली स्त्रियाँ ही संघमुख्यों को अपने वश में करें। जब संघमुख्य उन स्त्रियों के जाल में फँस जायें और उनसे सम्भोग करने के लिए किसी निश्चित स्थान का संकेत कर दें, तब एकान्त में उन स्थानों पर रात में संभोग करते हुए संघमुख्यों को तीक्ष्ण गुप्तचर मार डाले या बांध कर उनका अपहरण कर लें।
(४) अथवा स्त्रीलोलुप संघमुख्य को सभी गुप्तचर यह कह कर बहकायें कि 'अमुक गाँव का एक गरीब व्यक्ति जीविकोपार्जन के लिए विदेश चला गया है।
४३ कौ०