भारतकोश
कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला द्वारा

DevanagariSanskritpublished918 पृष्ठ

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शब्दानुक्रमणिका ४२३

द्वैधीभाव ४५३ ४५८नाम १२०पण्याध्यक्ष १६४ ३५४
द्वैराज्य ५६२नायक ४२० ६३८पत्ति ४२१
द्रोणमुख ९१६४० ६६५पत्तिमुख्य ६४८
नावध्यक्ष २१२पत्तियुद्ध ६६०
धनु १८१नालिका १८१ १८२पत्त्यध्यक्ष २३६
धनुर्ग्रह १८०निचय २७पथ ७९
धनुर्मुष्टि १८०नित्य ४९६ ४९७पद १८०
धरण १७४नित्यमित्रा ५०१पदातिकर्म ६५४
धर्मविजयी ६८०नित्यमुख ४२२पदार्थ ७६५
धर्मशास्त्र १५निदर्शन ७६५पदिक ६६५
धर्मस्थ २५५ ३४२निन्दा १२१पयस ७०
३८२ ३८३निपात १२०परचक्र ५७४
धर्मस्थीय ३८३निमेष १८१परदूषण ४६४
धर्मोपधा २५नियोग ६३२परमाणु १८०
धर्म्य ६०९ ६११निरनुबन्ध ६२६ ६२७परस्परोपकारसन्दर्शन १२३
धान्वन ८५निरुक्त १०
धेनु ५४ ६२निर्वंचन ७६५पराशर २०
ध्वज ५४निवर्तन १८१परिकुट्टन १५५
निशान्त ६५परिक्षिप्त ५८१
नकुल ६६निषाद २८३परिक्षीण ५८१
नक्षत्रमाला १२६निसृष्टार्थ ४९परिक्रय ४६४
नट ३३ ८० ५४०निसृष्टि १२२परिचारक ४२१
नदीपथ ५१३नीवी १०१परिदान १२१
नन्दराज ७७१नेता ५२०परिदेश १८१
नय ४४५नैमित्तिक ३९ ३६१परिगणित ४७७
नर्तक ३३ ५४०४२१परिपूर्णता १२०
नर्तन ८०परिमर्दन १५५
नल ५६९पंचग्रामी २९०परिमाणी १७६
नलतूल १३३पंचदशोपाय ६३२परिमितार्थ ४९
नव ५६३ ७३१पक्वान्न ४१४परिमिश्रा ६१८ ६२७
नवागत ५८१पक्ष १८२परिरय १८०
नष्ट २१६पण १४०परिवर्तक १५७
नागरक ५४२पण्य १६४ १६५ ४१४परिव्राजक ११
नागरिक २४५पण्यगृह ९५परिव्राजिका २६ ३२
नागवन ८२-८३पण्यपत्तन ७९परिश्रान्त ५८१
नाभाग १७