काव्यमीमांसा (महाकवि राजशेखर - कवि-रहस्य एवं देश-विभाग सटीक)
Kavyamimamsa of Rajasekhara with Hindi Commentary
महाकवि राजशेखर / पं. केदारनाथ शर्मा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंXLII INTRODUCTION. The portion lying beyond देवसभा is पश्चाद्देश. It contains :— Countries. Mountains. Rivers. Products. 1 देवसभ 6 कच्छीय 1 गोवर्धन 1 सरस्वती 1 करीर 2 सुराष्ट्र 7 आनर्त 2 गिरिनगर 2 श्वभ्रवती 2 पीलु 3 दशेरक 8 अर्बुद 3 देवसभ 3 वार्तघ्नी 3 गुग्गुलु 4 त्रवण 9 ब्राह्मणवाह 4 माल्यशिखर 4 मही 4 खर्जूर 5 भृगुकच्छ 10 यवन 5 अर्बुद 5 हिडिम्बा 5 करभ etc. etc. etc. etc. The portion lying beyond पृथूदक is उत्तरापथ. It comprises:— Countries. Mountains. Rivers. Products. 1 शक 12 तङ्गण 1 हिमालय 1 गङ्गा 1 सरल 2 केकय 13 तुषार 2 कलिन्द 2 सिन्धु 2 देवदारु 3 वोक्काण 14 तुरुष्क 3 इन्द्रकील 3 सरस्वती 3 द्राक्षा 4 हूण 15 बर्बर 4 चन्द्राचल 4 शतद्रु 4 कुङ्कुम 5 वाणायुज 16 हरहूर etc. 5 चन्द्रभागा 5 चमर 6 काम्बोज 17 ह्रूहुक 6 यमुना 6 अजिन 7 बाह्लीक 18 सहुड 7 इरावती 7 सौवीर 8 वह्लव 19 हंसमार्ग 8 वितस्ता 8 स्रोतोञ्जन 9 लिम्पाक 20 रमठ 9 विपाशा 9 सैन्धव 10 कुलूत 21 करकण्ठ 10 कुहू 10 वैडूर्य 11 कीर etc. 11 देविका 11 तुरङ्ग etc. etc. Between these lies the मध्यदेश. Dialects of different parts of India. From the Kāvya- mīmāṁsā we gain some knowledge as to what particular dialects were spoken in different parts of India. ¹Gauḍas and other people spoke Sanskrit, Lāṭās were fond of Prākrit, those living in Mārwār, 1 गौडाद्याः संस्कृतस्थाः परिचितरुचयः प्राकृते लाटदेश्याः सापभ्रंशप्रयोगाः सकलमरुभुवष्टक्कभादानकाश्च । आवन्त्याः पारियात्राः सह दशपुरजैर्भूतभाषां भजन्ते यो मध्येमध्यदेशं निवसति स कविः सर्वभाषानिषण्णः ॥ p. 51.