भारतकोश
काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

Kavyaprakasha of Mammata with Hindi Commentary

आचार्य मम्मट / पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि द्वारा

DevanagariSanskritpublished616 पृष्ठ

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504      KĀVYAPRAKĀŚA Pages समाप्तपुनरात्तता (दो०) (Resuming the Con- cluded)  ..  ..  ..  218 ” क्वचिन्न दोषो न गुणः  ..  ..  278 समासोक्तिः (अ०) (Modal Metaphor)  ..  380 समासोक्तिदोषः तस्योक्तेष्वन्तर्भावश्च  ..  ..  487 समुच्चयः (अ०) (Conjunction)  ..  ..  420 सर्वतोभद्रम्  ..  ..  ..  345 सन्देहः (अ०) (Dubious)  ..  ..  367 सहचरभिन्नता (दो०) (Mismatched Associates)  ..  255 सहोक्तिः (अ०) (Connected Description)  ..  412 साकाङ्क्षता (दो०) (Incompleteness)  ..  253 साध्यवसानालक्षणा (Intro-susceptive Indication)  ..  22 सामान्यम् (अ०) (Sameness)  ..  ..  454 सारः (अ०) (Climax)  ..  ..  437 सारोपालक्षणा (Superimponent Indication)  ..  22 सूक्ष्मम् (अ०) (Subtle)  ..  ..  436 सौकुमार्यम् (अर्थगुणः)  ..  ..  309 ” (शब्दगुणः)  ..  ..  308 स्थायिनः स्वशब्दवाच्यत्वम् (दो०) (Mention by name of Permanent Emotions)  ..  ..  281 स्थायिभावाः (Permanent Emotions)  ..  ..  68 स्मरणम् (अ०) (Reminiscence)  ..  ..  449 स्वभावोक्तिः (अ०) (Natural Description)  ..  411 हतवृत्तता (दो०) (Marred metre)  ..  ..  212