भारतकोश
काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

Kavyaprakasha of Mammata with Hindi Commentary

आचार्य मम्मट / पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि द्वारा

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६ सूक्ष्मेक्षिकामधिगम्यमुपेयवस्तु सूत्रात्मकैर्गुरुगभीरगिरा प्रवाहै । आस्वादयन् सहृदयान् विशद यश स्व श्रीमम्मट स्फटिकमन्दिरवच्चंचकार ॥ ६ ॥ एतद्ग्रन्थमनोज्ञताञ्चितमतिर्विद्वत्कुलाम्भोजिनी- तिग्मांशु स महादिमाङ्कितमहोपाध्यायभाषाचित । गङ्गानाथसुधीर्मदीयजनको लोकोपकारक्षमा व्याख्यामाङ्गलंगिराऽस्य निर्मलपदन्यासोत्तमा निर्ममे ॥ ७ ॥ श्रीभारतीयविद्याप्रकाशन काशिकानिलयम् । काव्यप्रकाशमेन प्रकाशयत् काशता स्वगुणै ॥ ८ ॥ पितृचरणवच श्रीदेवनद्या प्रवाहे विबुधनिवहहृत्सोत्तमसान्निध्यहृद्ये । सविनयनतिशाली पुष्पमेतत्सुवर्णं विसृजति मिथिलाभू श्रीमदादित्यनाथः ॥ ९ ॥