भारतकोश
किरातार्जुनीयम् (घण्टापथ व सुधा टीका सहित)

किरातार्जुनीयम् (घण्टापथ व सुधा टीका सहित)

Kiratarjuniyam of Bharavi Hindi

महाकवि भारवि द्वारा

स्रोत: Kiratarjuniyam with Ghantapath & Sudha Hindi Commentary by Sheshraj Sharma (उद्गम)

DevanagariHindipublished707 पृष्ठ

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पञ्चदशसर्गे स्थितानां चित्रबन्धानामुद्धारः

गोमूत्रिकाबन्धः ( १२ श्लोकः )

ना सु रो य न त्रा ता गो ध र सं स्थो न रा क्ष सः
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मा सु खो यं न वा भो गो ध र णि स्थो हि रा ज सः


सर्वतोभद्रः ( २५ श्लोकः )

देवाकानिनिकावादे
वाहिकास्वस्ववाहिका
काकारेरेकाका
निस्वव्यव्यस्वनि
निस्वव्यव्यस्वनि
काकारेरेकाका
वाहिकास्वस्वकाहिवा
देवाकानिनिकावादे

अर्धभ्रमकः ( २७ श्लोकः )

त्यतिदेनियं
रार्षंनाशिनी
त्वराधिसंनादे
त्वषंति