भारतकोश
कुलार्णव तन्त्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

कुलार्णव तन्त्र (हिन्दी व्याख्या सहित)

Kularnava Tantra with Hindi Commentary

भगवान शिव / पं. भद्रशील शर्मा द्वारा

स्रोत: कल्याण मन्दिर प्रयाग · कल्याण मन्दिर प्रयाग · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished84 पृष्ठ

पृष्ठ 6, कुल 84 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 6

( ख ) अधिकारी विद्वानों की सहायता से इस ग्रन्थ का मनन करने को सक्रिय होंगे, वे सहज ही उन त्रुटियों का संशोधन कर लेने की कृपा करेंगे। वैसे यथाशक्ति यह प्रयत्न किया गया है कि मूल ग्रन्थ की कोई भी महत्त्वपूर्ण बात छूटने न पावे और सारांश करने में कहीं कोई त्रुटि न रह जाय। तथापि वास्तविक जिज्ञासु बन्धुओं से हमारा यहो अनुरोध है कि वे इस ग्रन्थ के मूल संस्करण का अध्ययन किसी योग्य अधिकारी की सहायता से करें। तभी वे इसके महत्व को भले प्रकार समझ सकेंगे और इसमें निहित ज्ञान से लाभान्वित हो सकेंगे। मूल 'कुलार्णव तन्त्र' भी कल्याण मन्दिर द्वारा 'गुप्तावतार दुर्लभ तन्त्रमाला' के अन्तर्गत प्रकाशित किया जा चुका है। आशा है कि इस संक्षिप्त 'हिन्दी कुलार्णव' से उक्त प्रसिद्ध आगम ग्रन्थ के महत्त्व की कुछ झाँकी अध्यात्म-प्रेमियों को मिल सकेगी। यही लेखक को अभीष्ट है। —लेखक