लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)

लीलावती (भास्कराचार्य द्वितीय - प्राचीन भारतीय गणित सटीक)
Lilavati of Bhaskaracharya with Hindi Commentary
भास्कराचार्य द्वितीय (११५० ई.) / पं. रामस्वरूप शर्मा द्वारा
DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ
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अनुक्रमणिका। (७)
| विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|
| ४८ श्रेढीव्यवहारविधि .... १०४ | |
| ४९ कृत्यादियोगविधि .... १०६ | |
| ५० उत्तरचयज्ञानप्रकार .... १०७ | |
| ५१ मुखज्ञान .... .... १०९ | |
| ५२ चयफलज्ञानप्रकार .... ११० | |
| ५३ समवृत्तज्ञानविधि .... ११४ | |
| ५४ क्षेत्रव्यवहार .... .... ११७ | |
| ५५ भुजकोटिकर्णज्ञान .... ,, | |
| ५६ अन्यप्रकारवर्णन .... ११९ | |
| ५७ आसन्नमूलजाननेका उपाय १२१ | |
| ५८ त्र्यस्रजातिवर्णन .... १२२ | |
| ५९ इष्टकर्णसे कोटिलानेकाप्र० १२५ | |
| ६० प्रकारांतर वर्णन .... १२७ | |
| ६१ इष्टसे भुजकोटिकर्णानयन | |
| विधि ... ... १२८ | |
| ६२ कर्णकोटिमें भुजज्ञान .... १३० | |
| ६३ भुजकर्णयोग और कोटिज्ञान १३२ | |
| ६४ भुजसे कोटि कर्णको | |
| पृथक् करनेका प्रकार .... १३३ | |
| ६५ कोटिके एक देशयुतकर्ण | |
| भुजकोटिकर्णको जानना १३५ | |
| ६६ भुजकोटियोग और | |
| कर्णको पृथक् करनेका प्रकार १३७ | |
| ६७ लंबावबाधाज्ञान .... १३८ | |
| ६८ क्षेत्रका लक्षण .... १४० | |
| ६९ अबाधा ज्ञान वर्णन .... १४२ | |
| ७० चतुर्भुज और त्रिभुज क्षेत्र | |
| में अस्पष्ट तथा स्पष्ट फल- | |
| का लाना .... १४४ | |
| ७१ स्थूलपनानिरूपण .... १४७ |
| विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|
| [R1] ७२ तहां विशेष विधिका वर्णन ,, | |
| [R2] ७३ समान चतुर्भुज क्षेत्र और | |
| [R3] आयत क्षेत्रमें फलका लाना १४८ | |
| [R4] ७४ फल लंब और कर्ण ज्ञान १५४ | |
| [R5] ७५ लंबका ज्ञान .... १५५ | |
| [R6] ७६ कर्णका ज्ञान .... १५६ | |
| [R7] ७७ कर्ण ज्ञानका अन्य प्रकार ,, | |
| [R8] ७८ कर्णमें इष्ट कल्पनाका | |
| [R9] निःशेष कथन .... १५७ | |
| [R10] ७९ विषम चतुर्भुज फलानयन १६० | |
| [R11] ८० समान लंब क्षेत्रकी | |
| [R12] आबाधाका ज्ञान .... १६१ | |
| [R13] ८१ समानलंब क्षेत्रमें लघुप्रक्रिया १६७ | |
| [R14] ८२ सूचीक्षेत्र वर्णन .... १७१ | |
| [R15] ८३ संधिआदिका लाना .... १७२ | |
| [R16] ८४ कर्णोंके योगमें अधोलंब | |
| [R17] का ज्ञान वर्णन .... १७४ | |
| [R18] ८५ सूचीके आबाधालंबका ज्ञान १७६ | |
| [R19] ८६ भुजका ज्ञान .... ,, | |
| [R20] ८७ वृत्तक्षेत्र .... १७९ | |
| [R21] ८८ वृत्त दो गोलोंके फलका | |
| [R22] लाना .... १८१ | |
| [R23] ८९ अन्यप्रकार .... १८३ | |
| [R24] ९० शर और जीवाका लाना १८४ | |
| [R25] ९१ वृत्तके भीतर समात्रिकोणा- | |
| [R26] द्विनवकोणपर्यंत क्षेत्रोंकेभुजा- | |
| [R27] ओंलानेका प्रकार .... १८६ | |
| [R28] ९२ स्थूल जीवामें लघु | |
| [R29] क्रिया .... १९१ | |
| [R30] ९३ धनुषका आनयन विधि १९३ |