माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)
Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation
माधवकर द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ८ ) माधवनिदानकी- ──────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────── विषय. पृष्ठांक. | विषय. पृष्ठांक. ──────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────── ऊरुस्तंभनिदानम्। | पित्तजहृद्रोगके लक्षण, कफजहृद्रोगके लक्षण १७८ ऊरुस्तंभका पूर्वरूप १६० | त्रिदोषजहृद्रोगके लक्षण, कृमिजहृद्रोगके लक्षण ,, ऊरुस्तंभके लक्षण ,, | सबोंके उपद्रव १७९ असाध्यलक्षण १६१ | मूत्रकृच्छ्रनिदानम्। आमवातनिदानम्। | मूत्रकृच्छ्रकी संप्राप्ति १७९ आमवातके सामान्य लक्षण १६२ | वातिकमूत्रकृच्छ्रके लक्षण १८० जब आमवात अत्यन्त बढगया होय उसके लक्षण ,, | पैत्तिकमूत्रकृच्छ्रके लक्षण, कफजमूत्रकृच्छ्रके लक्षण ,, आमवातका विशेष लक्षण, साध्यासाध्यविचार १६३ | सन्निपातज मूत्रकृच्छ्रके लक्षण ,, शूलनिदानम्। | शल्यजमूत्रकृच्छ्रके लक्षण, मलमूत्रकृच्छ्रके लक्षण ,, वातशूलके कारण और लक्षण १६४ | अश्मरीजन्मके लक्षण ,, पित्तशूलके कारण और लक्षण ,, | शुक्रजके लक्षण १८१ कफशूलके कारण और लक्षण १६५ | अश्मरी और शर्करा इनके साम्य और अवांतर भेद ,, सन्निपातशूलके लक्षण, आमशूलके लक्षण ,, | मूत्राघातनिदानम्। द्वंद्वजशूलोंके लक्षण, ग्रन्थ्यांतरोक्त शूलके स्थान १६६ | वातकुण्डलिक़ाके लक्षण १८१ शूलके उपद्रव, परिणामशूलनिदान ,, | अष्ठीलाके लक्षण, वातवस्तिके लक्षण १८२ वातिक परिणामशूलके लक्षण १६७ | मूत्रातीतके लक्षण ,, पैत्तिक परिणामशूलके लक्षण ,, | मूत्रजठरके लक्षण, मूत्रोत्संगके लक्षण १८३ श्लैष्मिक परिणामशूलके लक्षण ,, | मूत्रक्षयके लक्षण, मूत्रग्रन्थिके लक्षण ,, द्विदोषज और त्रिदोषजके लक्षण ,, | मूत्रशुक्रके लक्षण, उष्णवातके लक्षण १८४ अन्नके उपद्रवसे प्रगट शूलके लक्षण ,, | मूत्रसादके लक्षण, विड्विघातके लक्षण ,, उदावर्तनिदानम्। | बस्तिकुण्डलरोगके लक्षण, साध्यासाध्यके लक्षण १८५ उदावर्तके कारण १६८ | कुण्डलीभूतके लक्षण ,, तेरह उदावर्त्तोंके क्रमसे लक्षण ,, | अश्मरीरोगनिदानम्। आनाहरोगनिदान, असाध्य लक्षण १७१ | अश्मरीकी संप्राप्ति, अश्मरीका पूर्वरूप १८६ गुल्मनिदानम्। | पथरीके सामान्य लक्षण ,, गुल्मके सामान्यरूप, गुल्मकी सम्प्राप्ति १७२ | वातकी पथरीके लक्षण १८७ गुल्मके पूर्वरूप ,, | पित्तकी पथरीके लक्षण, कफकी पथरीके लक्षण ,, गुल्मके साधारण लक्षण १७३ | शुक्राश्मरीके लक्षण, पथरीशर्कराके उपद्रव १८८ वातगुल्मके कारण और लक्षण ,, | असाध्य लक्षण ,, पित्तगुल्मके कारण और लक्षण १७४ | उत्तर भाग। कफके और सन्निपातके गुल्मका कारण और लक्षण,, | प्रमेहनिदानम्। द्वन्द्वज गुल्मके लक्षण ,, | कफपित्तवातप्रमेहाँकी क्रमसे संप्राप्ति १८९ सन्निपातगुल्मके लक्षण १७५ | प्रमेहका दोषदूष्यसंग्रह, प्रमेहका पूर्वरूप १९० रक्तगुल्मके लक्षण ,, | सामान्य लक्षण, प्रमेहके कारण ,, असाध्य लक्षण १७६ | कफकी १० प्रमेहाँके लक्षण १९१ हृद्रोगनिदानम्। | पित्तकी ६ प्रमेहाँके लक्षण ,, हृद्रोगकी संप्राप्ति और सामान्य लक्षण १७७ | वातकी ४ प्रमेहाँके लक्षण १९२ वातजहृद्रोगके लक्षण १७८ | कफप्रमेहके उपद्रव, पित्तप्रमेहके उपद्रव ,, ──────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────── CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA