महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व

महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व
Mahabharata (Vol 1) - Adi and Sabha Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,256 पृष्ठ
पृष्ठ 770, कुल 2256 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 770
धर्मात्मा गङ्गानन्दन भीष्मजी भाईकी मृत्युसे चिन्ता और शोकमें डूब गये। फिर माता सत्यवतीकी आज्ञाके अनुसार चलनेवाले उन भीष्मजीने ऋत्विजों तथा कुरुकुलके समस्त श्रेष्ठ पुरुषोंके साथ राजा विचित्रवीर्यके सभी प्रेतकार्य अच्छी तरह कराये ।। ७२-७३ ।।
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि विचित्रवीर्योपरमे द्व्यधिकशततमोऽध्यायः ।। १०२ ।।
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत सम्भवपर्वमें विचित्रवीर्यका निधनविषयक एक सौ दोवाँ अध्याय पूरा हुआ ।। १०२ ।।