महाभारत (खंड २) - वन पर्व

महाभारत (खंड २) - वन पर्व
Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,580 पृष्ठ
पृष्ठ 1129, कुल 2580 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 1129
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि निवातकवचयुद्धपर्वणि इन्द्रागमने
षट्षष्ट्यधिकशततमोऽध्यायः ॥ १६६ ॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत निवातकवचयुद्धपर्वमें इन्द्रागमनविषयक एक सौ छाछठवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ १६६ ॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल १८ श्लोक हैं)