महाभारत (खंड २) - वन पर्व

महाभारत (खंड २) - वन पर्व
Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,580 पृष्ठ
पृष्ठ 2, कुल 2580 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 2
33
।। श्रीहरिः ।।
श्रीमन्महर्षि वेदव्यासप्रणीत
महाभारत
(द्वितीय खण्ड)
[वनपर्व और विराटपर्व]
[सचित्र, सरल हिंदी-अनुवादसहित]
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देवदेव ।।
अनुवादक—
साहित्याचार्य पण्डित रामनारायणदत्त शास्त्री पाण्डेय 'राम'