भारतकोश
महाभारत (खंड ४) - द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक व स्त्री पर्व

महाभारत (खंड ४) - द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक व स्त्री पर्व

Mahabharata (Vol 4) - Drona, Karna, Shalya, Sauptika and Stri Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

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पृष्ठ 1266

भारत! तदनन्तर द्रोणाचार्यने धृष्टद्युम्नके रथपर आक्रमण किया। उस रात्रिके समय वीर धृष्टद्युम्न और पांचालोंके साथ द्रोणाचार्यका महान् एवं अद्भुत युद्ध हुआ॥ ७०॥

इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे संकुलयुद्धे
सप्तत्यधिकशततमोऽध्यायः॥ १७०॥

इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके अवसरपर संकुलयुद्धविषयक एक सौ सत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७०॥


* दुर्योधन, दुःशासन, द्रोण, कर्ण, शल्य और शकुनि—ये ही छः श्रेष्ठ रथी यहाँ ग्रहण किये गये हैं।