महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व
Mahabharata (Vol 6) - Anushasana to Harivamsa Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
पृष्ठ 1025, कुल 2566 में से
संदर्भ में पढ़ेंमात्सर्यात् स्वादुकामेन नृशंसेन बुभुक्षता ॥ २१ ॥ मैं इतना निर्दयी था कि केवल स्वाद लेनेकी कामनासे अकेला ही भोजनकी इच्छा रखता और ईर्ष्यावश घरपर आये हुए अतिथियों और आश्रितजनोंको भोजन कराये बिना ही भोजन कर लेता था ॥ २१ ॥
देवार्थं पितृयज्ञार्थमन्नं श्रद्धाऽऽहृतं मया । न दत्तमर्थकामेन देयमन्नं पुरा किल ॥ २२ ॥ पूर्वजन्ममें मैं देवताओं और पितरोंके यजनके लिये श्रद्धापूर्वक अन्न एकत्र करता; परंतु धन-संग्रहकी कामनासे उस देनेयोग्य अन्नका भी दान नहीं करता था ॥ २२ ॥
गुप्तं शरणमाश्रित्य भयेषु शरणागताः । अकस्मात् ते मया त्यक्ता न त्राता अभयैषिणः ॥ २३ ॥ भयके समय अभय पानेकी इच्छासे कितने ही शरणार्थी मेरे पास आते, किन्तु मैं उन्हें शरण लेनेयोग्य सुरक्षित स्थानमें पहुँचाकर भी अकस्मात् वहाँसे निकाल देता। उनकी रक्षा नहीं करता था ॥ २३ ॥
धनं धान्यं प्रियान् दारान् यानं वासस्तथाद्भुतम् । श्रियं दृष्ट्वा मनुष्याणामसूयामि निरर्थकम् ॥ २४ ॥ दूसरे मनुष्योंके पास धन-धान्य, सुन्दरी स्त्री, अच्छी-अच्छी सवारियाँ, अद्भुत वस्त्र और उत्तम लक्ष्मी देखकर मैं अकारण ही उनसे कुढ़ता रहता था ॥ २४ ॥
ईर्ष्युः परसुखं दृष्ट्वा अन्यस्य न बुभूषकः । त्रिवर्गहन्ता चान्येषामातमकामानुवर्तकः ॥ २५ ॥ दूसरोंका सुख देखकर मुझे ईर्ष्या होती थी, दूसरे किसीकी उन्नति हो यह मैं नहीं चाहता था, औरोंके धर्म, अर्थ और काममें बाधा डालता और अपनी ही इच्छाका अनुसरण करता था ॥ २५ ॥
नृशंसगुणभूयिष्ठं पुरा कर्म कृतं मया । स्मृत्वा तदनुतप्येऽहं हित्वा प्रियमिवात्मजम् ॥ २६ ॥ पूर्वजन्ममें प्रायः मैंने वे ही कर्म किये हैं, जिनमें निर्दयता अधिक थी। उनकी याद आनेसे मुझे उसी तरह पश्चात्ताप होता है, जैसे कोई अपने प्यारे पुत्रको त्यागकर पछताता है ॥ २६ ॥
शुभानां नाभिजानामि कृतानां कर्मणां फलम् । माता च पूजिता वृद्धा ब्राह्मणश्चार्चितो मया ॥ २७ ॥ सकृज्जातिगुणोपेतः संगत्या गृहमागतः । अतिथिः पूजितो ब्रह्मंस्तेन मां नाजहात् स्मृतिः ॥ २८ ॥ मुझे पहलेके अपने किये हुए शुभकर्मोंके फलका अबतक अनुभव नहीं हुआ है। पूर्वजन्ममें मैंने केवल अपनी बूढ़ी माताकी सेवा की थी तथा एक दिन किसीके साथ हो